
Ahmedabad. शहर के भीड़भाड़ वाले माणेक चौक बाजार में दिन दहाड़े फायरिंग करके 1.51 करोड़ के सोने, चांदी के आभूषण, नकदी लूटने के मामले में लिप्त शातिर आरोपी को जोन-3 उपायुक्त की एलसीबी टीम ने पकड़ने में सफलता पाई है। आरोपी को दिल्ली से पकड़ा है। इसके पास से एक पिस्तौल, पांच कारतूस जब्त किए हैं। आरोपी दो साल से फरार था।जोन-3 एलसीबी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपी का नाम दीपक भुकेर (31) है।
आरोपी मूलरूप से हरियाणा के झज्जर जिले की मतनहेल तहसील के गोरिया गांव का मूल निवासी है, फिलहाल नई दिल्ली में तुगलकाबाद 7 बीआरडी एयर ऑफिसर कमांडिंग कोलोनी में रहता है। इसके पास से 50 हजार रुपए कीमत की पिस्तौल, तीन कारतूस जब्त किए हैं।
मामले के तहत खाडिया थाना क्षेत्र के माणेकचौक में पतासा पोल धर्मनंदन खड़की में स्थित सोनी हिम्मतलाल की दुकान में 16 जुलाई 2024 को दोपहर तीन बजे एक अज्ञात 35 से 40 साल के व्यक्ति ने प्रवेश किया। उसने चेहरे पर रेडीमेड सफेद रंग का रूमाल बांधा था, हरे रंग की शर्ट पहनी थी। हाथ में पिस्तौल जैसा हथियार था। उसने पिस्तौल दिखाते हुए सोने की चेन, सोने की अंगूठी, सोने के बिस्किट तथा 10 किलोग्राम चांदी की छोटी पाट , अन्य आभूषण, नकदी सहित 1.51 करोड़ रुपए की लूट की थी। उसने शिकायतकर्ता के पिता के पैर में पिस्तौल से फायरिंग करके गोली भी मार दी थी और फिर फरार हो गया था। दिन दहाड़े हुई इस लूट की घटना की गुत्थी सुलझाने को दो साल से टीम प्रयासरत थी। इस बीच टीम को सूचना मिली कि फायरिंग करके लूट करने के मामले में जामनगर जिले में हुई सेंधमार चोरी में चोरी हुई सर्विस रिवॉल्वर का उपयोग हुआ है। इसके आधार पर ध्यान देते हुए जांच को आगे बढ़ाया। जामनगर की सेंधमार चोरी, खाडिया में फायरिंग लूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। दोनों ही मामले अभी तक अनसुलझे थे।
जांच के दौरान पता चला कि सेंधमार चोरी और लूट के मामले में जामनगर में एयरफोर्स यूनिट में कार्यरत एक व्यक्ति की लिप्तता हो सकती है। इसके प्राथमिक सबूत हाथ लगने और आरोपी की पहचान एयरफोर्स में कोर्पोरल के रूप में कार्यरत दीपक भुकेर के रूप में हुई। वह घटना के समय जामनगर में था फिलहाल दिल्ली में है। ऐसे में उसे दिल्ली से पकड़ लिया। उसके बैरेक से उपयोग में लिया गया हथियार और कारतूस भी जब्त किए हैं। टीम ने जामनगर सिटी थाने में दर्ज सर्विस रिवॉल्वर चोरी की गुत्थी भी सुलझा ली है।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी काफी शातिर है। वह जहां भी होटलों में रुकता वहां फर्जी आधारकार्ड और मोबाइल नंबर देता था। घटनास्थल से फिंगरप्रिंट न मिलें इसके लिए यह हाथ की अंगुलियों पर पट्टी लगाकर रखता था। एयरफोर्स में नौकरी करता होने से हथियारों की भी जानकारी है। फायरिंग करने में माहिर है। घटना के बाद यह अलग-अलग चार रिक्शा बदल कर फरार हुआ था। रास्ते में कपड़े भी बदले थे, ताकि जल्द पकड़ में न आए।