
Ahmedabad शहर के सोला सिविल अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में डेंगू के 571 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें 53 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं स्वाइन फ्लू के 18 संदिग्ध मरीजों में से 2 में संक्रमण की पुष्टि हुई। एक सप्ताह में अस्पताल की ओपीडी में 13622 मरीज पहुंचे, जिनमें से 1273 को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ा।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में मलेरिया के 1203 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। इनमें 14 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा एक्यूट डायरिया के 29 मरीज सामने आए। जल जनित और वायरल बीमारियों में वायरल हेपेटाइटिस-ए के 5 तथा टाइफाइड के भी 5 मरीजों की पुष्टि हुई।
बारिश के बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल में संदिग्ध मरीजों की जांच के बाद पॉजिटिव मरीजों की पहचान की जा रही है। वहीं स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की भी जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण की पुष्टि होने पर समय पर उपचार शुरू किया जा सके। अस्पताल में आने वाले मरीजों के आंकड़े इस मौसम में मौसमी बीमारियों पर बढ़ती निगरानी को भी दर्शाते हैं। इन दिनों बदले मौसम के कारण वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मानसून में डेंगू-मलेरिया समेत मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका के स्वास्थ्य एवं मलेरिया विभाग ने पूर्व जोन में निर्माण साइटों पर सघन जांच अभियान चलाया। कुल 57 निर्माण साइटों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान मच्छरों की उत्पत्ति के अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर 13 निर्माण साइटों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कुल 45 हजार रुपए का प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।मनपा के अनुसार कार्रवाई का आधार निर्माण स्थलों पर मच्छरों के पनपने की स्थिति का मिलना रहा। विभाग की ओर से मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए लगातार निगरानी और सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा पूर्व जोन में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स समेत 137 अन्य स्थानों पर मच्छर जनित रोगों की रोकथाम और स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य एवं मलेरिया विभाग की ओर से सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन, फॉगिंग और एंटी-लार्वल गतिविधियां भी जारी हैं।