-ईरान-इजराइल, अमरीका युद्ध के असर को देख अहमदाबाद स्कूल वर्धी एसोसिएशन का निर्णय, सीएनजी के दाम बढ़ें तो भी बनेगा वहां तक किराया नहीं बढ़ाने का निर्णय, 2024 में बढ़ाया था किराया वही रहेगा यथावत
Ahmedabad. ईरान-इजराइल, अमरीका के बीच जारी युद्ध के चलते एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। गैस संचालित उद्योगों पर संकट है। कई लोगों की रोजीरोटी प्रभावित हुई है। ऐसे में अहमदाबाद के लोगों के लिए रविवार को राहत भरी खबर सामने आई है।
अहमदाबाद में इस साल स्कूल ऑटो और वैन का किराया नहीं बढ़ेगा। युद्ध की स्थिति और उससे बढ़ी महंगाई व प्रभावित हुए लोगों के रोजगार को देखते हुए अहमदाबाद स्कूल वर्धी एसोसिएशन की रविवार को अहमदाबाद पालडी के नरोत्तम झवेरी हॉल में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया है।
अहमदाबाद स्कूल वर्धी एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेश ब्रह्मभट्ट ने बताया कि युद्ध के चलते गैस के दाम बढ़ रहे हैं। गैस संकट है, ऐसे में लोगों को डर है कि स्कूल वाहनों का किराया बढ़ जाएगा। एसोसिएशन की बैठक में हमने निर्णय किया है कि हाल फिलहाल हम स्कूल वर्धी वाहनों का किराया इस साल नहीं बढ़ाएंगे। वर्ष 2024 में बढ़ाया गया किराया ही इस साल लागू रहेगा। इससे पहले 2024 में स्कूल वर्धी वाहन के किराए में 20 फीसदी का इजाफा किया गया था। 2021 के बाद 2024 में किराया बढ़ाया गया था।
ब्रह्मभट्ट ने कहा कि यदि सीएनजी गैस की कीमतों में असह्य वृद्धि होती भी है, तो भी हम कोशिश करेंगे कि किराया ना बढ़ाएं। सरकार से राहत के लिए बैठक करेंगे। उसके बाद भी राहत नहीं हुई तो एसोसिएशन की बैठक कर उचित निर्णय किया जाएगा।उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में करीब 15 हजार स्कूल वर्धी वाहन हैं। राज्यभर में करीब 80 हजार स्कूल वर्धी वाहन हैं। बैठक में वडोदरा, पालनपुर, गांधीधाम से भी प्रतिनिधि आए थे। अहमदाबाद ही नहीं राज्य के अन्य शहरों में भी स्कूल वर्धी वाहनों का किराया इस साल नहीं बढ़ेगा ऐसी पूरी संभावना है।
ब्रह्मभट्ट ने बताया कि स्कूल वाहनों के चालकों को कोई परेशानी ना हो इसलिए बैठक में निर्णय किया है कि चालकों को जागरूक करेंगे कि वे अपने वाहन का आरटीओ से परमिट रिन्यू करा लें। बीमा, मरम्मत, सीएनजी गैस किट की टेस्टिंग करा लें। नियम के तहत अग्निशामक यंत्र, मेडिकल किट को रखें।
कि.मी. -ऑटोरिक्शा-वैन
1-750- 1200
2-850- 1400
3-950- 1600
4-1050- 1800
5-1150- 2000
(नोट: किराया प्रतिमाह, प्रति बालक है)