
अहमदाबाद. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की दो दिवसीय प्रांतीय समन्वय बैठक मंगलवार को शहर के मणिनगर स्थित डॉ. हेडगेवार भवन में शुरू हुई। बैठक में संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के संबंधित विभागों के मंत्रियों के साथ संवाद किया। इस दौरान संगठनों से जुड़े मौजूदा मुद्दों, जमीनी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा हुई।
आरएसएस के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, संगठन महामंत्री रत्नाकर, राज्य सरकार की ओर से मंत्री जीतू वाघाणी, ऋषिकेश पटेल, कनु देसाई और प्रफुल पानशेरिया सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। बुधवार को उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
दो दिवसीय बैठक में छह महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। बैठक का मुख्य उद्देश्य संघ के अनुषांगिक संगठनों की ओर से उठाए जा रहे सामाजिक मुद्दों, मांगों और जमीनी स्तर की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। साथ ही संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इनके समाधान के रास्तों पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक में आरएसएस, राज्य सरकार और उसके विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं को अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे संबंधित मंत्रियों के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। इससे जमीनी स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों और सरकार की नीतियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की जा रही है।
गुजरात में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए संघ की इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक का मुख्य फोकस सामाजिक और संगठनात्मक विषयों पर है, लेकिन राज्य की मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों, जनता से जुड़ाव और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल, जमीनी फीडबैक तथा भविष्य की रणनीति से जुड़े विषय भी चर्चा के दायरे में आ सकते हैं। बुधवार को बैठक के दूसरे दिन भी विभिन्न विषयों पर मंथन जारी रहेगा।