
अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने साबरमती स्थित रूटीन ओवरहॉलिंग (आरओएच) वैगन डिपो तथा साबरमती रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया।
उन्होंने साबरमती रेलवे स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट में यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। स्टेशन पर निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कहा कि शेष हाई रूफ ट्रस निर्धारित समय सीमा में स्थापित किए जाएं तथा ट्रस लॉन्चिंग के साथ-साथ फिनिशिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी समानांतर रूप से किए जाएं।
प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर वैकल्पिक यात्री शेड उपलब्ध कराने, अस्थायी शेड को मानसून के अनुरूप मजबूत बनाने के निर्देश दिए। प्लेटफॉर्म संख्या-2 एवं 3 के सभी पुनर्विकास कार्य 15 अगस्त तक तथा प्लेटफॉर्म संख्या-1 सहित स्टेशन का सार्वजनिक आवागमन क्षेत्र, कॉनकोर्स एवं अन्य यात्री सुविधाओं के कार्य सितंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
डीआरएम ने स्टेशन पर मास्टर कक्ष, वीआइपी कक्ष और प्रवेश द्वार (कैनोपी) के डिजाइन में आवश्यक संशोधनों के साथ स्टेशन के आधुनिक और आकर्षक स्वरूप पर जोर दिया। उन्होंने बुलेट ट्रेन भवन की ओर जाने वाले प्रवेश मार्ग के बेहतर विकास पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा है।
समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर बल
डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को सभी विकास एवं अनुरक्षण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सुरक्षित, कुशल एवं यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साबरमती स्थित रूटीन ओवरहॉलिंग (आरओएच) वैगन डिपो के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मालगाड़ी वैगनों के अनुरक्षण कार्यों की समीक्षा, उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया। शेड में भविष्य में नए एंड ऑफ ट्रेन (ईओटी) क्रेन स्थापित किए जाने के मद्देनजर शेड को और सुदृढ़ बनाने की योजना पर भी चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों से वर्तमान में उपलब्ध 68 आरओएच और 67 सिक लाइन वैगनों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने एक वैगन के सेंटर बफर कपलर (सीबीसी) के अनुरक्षण कार्य का निरीक्षण किया।
डीआरएम ने वैगनों के समय पर अनुरक्षण, सामग्री की उपलब्धता, शेड में वैगनों की समयबद्ध प्लेसमेंट, अनुरक्षण कार्यों में समन्वय तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सामग्री की कमी, वैगनों के अनावश्यक ठहराव तथा यार्ड संचालन से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। यार्ड में आवश्यक मानकों के अनुरूप प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही लाइन संख्या 5 एवं 6 के मध्य पक्के मार्ग के निर्माण, जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा वैगन परीक्षण दलों के निष्क्रिय समय को कम करने के लिए बेहतर परिचालन योजना बनाने पर बल दिया गया।