शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में दस दिन में ही कुल 268 जलजनित रोगों के मरीज दर्ज किए गए। इनमें उल्टी-दस्त के 217, पीलिया के 10 और टाइफाइड के 41 मरीज सामने आए हैं। हालांकि इस अवधि में मच्छर जनित रोगों के मामले अपेक्षाकृत कम रहे। केवल 3 मरीज मलेरिया और इतने ही डेंगू के दर्ज किए गए।
Ahmedabad शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में दस दिन में ही कुल 268 जलजनित रोगों के मरीज दर्ज किए गए। इनमें उल्टी-दस्त के 217, पीलिया के 10 और टाइफाइड के 41 मरीज सामने आए हैं। हालांकि इस अवधि में मच्छर जनित रोगों के मामले अपेक्षाकृत कम रहे। केवल 3 मरीज मलेरिया और इतने ही डेंगू के दर्ज किए गए। इस दौरान मच्छर जनित रोगों में से डेंगू के सबसे अधिक 110 मरीज सामने आए हैं। मलेरिया के 54, फाल्सीपेरम के 11 और चिकनगुनिया का एक मरीज दर्ज हुआ है।इस वर्ष जनवरी से अब तक उल्टी-दस्त के 1859 मरीज दर्ज हुए हैं। इस अवधि में टाइफाइड के 619 और पीलिया के 264 मरीज दर्ज हुए हैं। राहत की बात यह है कि लगभग सवा पांच माह में हैजा का एक भी मरीज सामने नहीं आया है।
महानगरपालिका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी ने बताया कि इस अवधि में विभिन्न रोगों की आशंका पर अस्पतालों में करीब 16 हजार रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए। जनवरी से अब तक कुल 6.5 लाख से अधिक रक्त नमूने लिए जा चुके हैं। दस दिनों में 1170 सीरम सैंपल भी लिए गए। जनवरी से 10 मई तक सत्रह हजार से अधिक सीरम सैंपल लिए।
पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए दस दिनों में 2300 से अधिक नमूने लिए गए, जिनमें से 9 नमूने अनफिट पाए गए। इस वर्ष अब तक कुल 76 नमूने अनफिट आए हैं। वहीं, शहर के विभिन्न हिस्सों में 16 हजार से अधिक क्लोरीन टेस्ट किए गए, जिनमें से 7 में क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई। मनपा के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रभावित इलाकों में विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसमें खाद्य सामग्री की दुकानों पर नियमित जांच की जा रही है जबकि पानी की भी समय-समय पर जांच हो रही है।
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