
नवदंपत्तियों ने प्राप्त किया आशीर्वाद।
छोटा उदेपुर. आज के समय में जब शादियों में लाखों रुपए खर्च करना और भव्य कैटरिंग आम बात हो गई है, तब छोटा उदेपुर जिले की पावी जेतपुर तहसील के चूली गांव में आदिवासी संस्कृति और मानवता की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिली।
इको यूनिटी ट्राइबल ट्रस्ट की पहल पर आयोजित द्वितीय सामूहिक विवाह महोत्सव में सिर्फ 1 रुपए में 6 नवदंपती हमराही बने। सामूहिक विवाह की खास बात यह थी कि इसमें शामिल कई दूल्हा-दुल्हन ऐसे थे जिनके पिता नहीं हैं, तो कुछ ने माता-पिता दोनों का साया खो दिया है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और अनाथ बच्चों के लिए ट्रस्ट ने आयोजन किया। स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों की उपस्थिति में सभी नवदंपत्तियों ने आशीर्वाद प्राप्त कर नए जीवन की शुरुआत की।
इको यूनिटी ट्राइबल प्रोग्रेस इनिशिएटिव चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा इस सामूहिक विवाह के लिए वर-वधू पक्ष से केवल एक रुपए का प्रतीकात्मक शुल्क लिया गया। इसके बदले ट्रस्ट ने नवदंपतियों को गृहस्थी चलाने के लिए जरूरी सभी सामान जैसे बेड, सोफा, तिजोरी और चम्मच से लेकर पूरा घरेलू सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया।
महोत्सव का सबसे आकर्षक पहलू उसका भोजन था। आधुनिक व्यंजनों को किनारे रखकर आदिवासी समाज की सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखते हुए मक्का की घाट और कढ़ी का मेन्यू रखा गया। मक्का की घाट और कढ़ी आदिवासी संस्कृति का सबसे पौष्टिक और पारंपरिक भोजन माना जाता है। वर्षों पहले विवाह समारोहों में यही भोजन परोसा जाता था।
मक्का के दरदरे दानों को पानी में उबालकर तैयार की जाने वाली पौष्टिक घाट और लहसुन के तड़के वाली तीखी कढ़ी की खुशबू पूरे मंडप में फैल गई। यह भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को पूर्वजों की विरासत का स्वाद चखाने के लिए रखा गया था। सिर्फ विवाह ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें आदिवासी समाज के युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर विवाह समारोह को ‘सेवा उत्सव’ में बदल दिया।
Published on:
12 May 2026 10:26 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
