
बसेड़ी. कोरोना महामारी में मील का पत्थर साबित होने वाली घर-घर औषधि योजना को लेकर जिला प्रशासन एवं वन विभाग पूरी तरह सजग हो गया है। योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला कलक्टर ने टास्क फ ोर्स का गठन किया गया है। उप वन संरक्षक कैलाश चंद मीणा ने बताया कि घर-घर औषधि योजना मुख्यमंत्री के बजट भाषण की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर शरीर को स्वस्थ एवं निरोग बनाना है। इस योजना के तहत तुलसी, अश्वगंधा, गिलोय तथा कालमेघ के औषधीय पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
उप वन संरक्षक ने बताया कि जिलेभर में इस योजना के तहत 9 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं । जिनका वितरण जुलाई माह में राज्य सरकार की गाइड़लाइन के तहत किया जाएगा। यह योजना पांच वर्ष की है। प्रथम वर्ष में जिले के 50 फीसदी परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत प्रथम वर्ष में जिले के लगभग 1 लाख परिवार को कवर किया जाएगा। प्रत्येक परिवार को आठ पौधों का वितरण किया जाएगा। डीएफओ धौलपुर कैलाश मीणा ने आमजन से भी इस योजना को लेकर आह्वान किया है। कहा कि सरकार की निशुल्क योजना के तहत आमजन को जो पौधे वितरित किए जाएंगे।
हिगौटा नर्सरी पर एक लाख पौधे तैयार
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की इस योजना के तहत जिले की विभिन्न नर्सरियों में करीब 9 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इन पौधों का वितरण जिले के एक लाख दो हजार परिवारों को निशुल्क वितरण 20 जुलाई के बाद किया जाएगा, जिनमें हिंगोटा नर्सरी -1 लाख, राजाखेड़ा नर्सरी -1 लाख, बीजौली नर्सरी -1.50 लाख, खुर्दिया नर्सरी -50 हजार तथा धौलपुर नर्सरी में 5 लाख पौधे लगाए गए हैं।
इन विभागों का रहेगा सहयोग
इस योजना में वन विभाग के साथ आयुर्वेद विभाग, जिला प्रशासन, कृषि, पर्यावरण, नगरीय विकास एवं आवासन, पंचायती राज, पशुपालन, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जनजाति क्षेत्रीय विकास उद्योग शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा कृषि अनुसंधान केन्द्र आदि विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे