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सावन का सत्कार…आस्था का केंद्र है भुवनेश्वर महादेव, सावन में उमड़ती है श्रद्धा

अजमेर

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Newsdesk

Aug 17, 2026

Rajasthan

खण्डार. खारी बावड़ी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में विराजमान भुवनेश्वर महादेव श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। सावन मास में यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना और विशेष कार्यक्रमों के दौरान धार्मिक माहौल देखते ही बनता है। सावन महोत्सव के तहत होने वाले आयोजनों में भुवनेश्वर महादेव का विशेष सत्कार किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार भुवनेश्वर महादेव से जुड़ी कई लोकगाथाएं क्षेत्र में पीढ़ियों से प्रचलित हैं। इन लोककथाओं में मंदिर और शिवलिंग के प्राकट्य को लेकर अलग-अलग मान्यताएं सुनने को मिलती हैं। यही लोकविश्वास इस स्थान को धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय इतिहास और संस्कृति से भी जोड़ता है।
मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है। इसी धार्मिक भावना के चलते खारी बावड़ी परिसर में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजनों में स्थानीय लोग उत्साह से भाग लेते हैं। शिवभक्त पूजा, अभिषेक और भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं।
भुवनेश्वर महादेव से जुड़ी लोकगाथाएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा भी हैं। बुजुर्गों द्वारा सुनाई जाने वाली कथाओं के माध्यम से नई पीढ़ी तक इस स्थान का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व पहुंच रहा है।
सावन महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण रहता है। लोकपरंपरा, धार्मिक विश्वास और सावन की शिवभक्ति के संगम से खारी बावड़ी का यह परिसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बन जाता है। भुवनेश्वर महादेव की लोकगाथा आज भी क्षेत्र की धार्मिक पहचान और लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए हुए है।