65 लाख की 625 वर्गगज सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला सरकारी जमीन पर दो मंजिला मकान अभी भी कायम
अजमेर. कायड़ की शुभम कॉलोनी के अजमेर विकास प्राधिकरण के खसरा नम्बर 3041 की 65 लाख रुपए मूल्य की 625 वर्गगज जमीन पर कब्जा कर मकान व बाड़ा बनाने के मामले में प्राधिकरण ने राजस्थान पुलिस के उपनिरीक्षक बालूराम चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके बाड़े के अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया है। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण हटाने के दौरान उपनिरीक्षक चौधरी की पत्नी ने दस्ते में शामिल प्राधिकरण अफसरों के ऊपर पत्थर भी उठा लिया। प्राधिकरण ने चारदीवारी पूर्व में ही तोड़ दी थी। अतिक्रमी का कहना है कि उसके स्वयं के भूखंड पर किसी और ने कब्जा कर लिया है जबकि मौके पर भूखंड पूरी तरह खाली है, इस पर किसी तरह का कोई कब्जा नहीं है।
दावपेच काम नहीं आए
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण रोकने के बजाय पुलिस उपनिरीक्षक बालूराम ने अपने नियमशुदा भूखंड संख्या 53 को छोड़कर पास ही प्राधिकरण की 65 लाख रुपए मूल्य की सरकारी 625 वर्गगज जमीन पर कब्जा कर दो मंजिला मकान बना लिया। यही नहीं उसने अपने स्वंय के 53 नम्बर के भूंखड से एसबीआई से लोन लेकर सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान बना लिया। अतिक्रमी को बचाने के लिए प्राधिकरण की राजस्व शाखा के कुछ कार्मिक 'दावपेचÓ खेल रहे थे लेकिन प्राधिकरण चेयरमैन तथा आयुक्त की सख्ती के आगे उनकी 'दालÓ नही गली। प्राधिकरण ने उपनिरीक्षक बालूराम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है साथ प्राधिकरण की ओर से बालूराम को प्राधिकरण अधिनियम 2013 की धारा 67 के तहत प्रक्रियाधीन कार्यवाही की भी जानकारी दी है। एसबीआई बैंक को भी पत्र जारी किया जा रहा है।
हाईटेंशन लाइन हुई कब्जे से मुक्त
अतिक्रमी उपनिरीक्षक बालूराम चौधरी ने अजमेर डिस्कॉम की हाईटेशन लाइन व दो पोल को भी कब्जे में ले लिया था। अजमेर डिस्कॉम ने बालूराम को लाइन के नीचे बाड़ा हटाने के लिए नोटिस जारी कर रखा है। प्राधिकरण द्वारा बाड़ा हटाने से हाईटेंशन लाइन भी कब्जे से मुक्त हो गई। चौधरी द्वारा विद्युत कनेक्शन के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।