
Ajmer Nikay Election : अजमेर जिले के 9 नगर निकायों में महापौर, अध्यक्ष, सभापति पद के लिए आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को निकाली गई। नगर निगम में महापौर पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। लगातार दूसरी बार निगम की कमान महिला के हाथों में होगी। अजमेर जिले के 9 नगर निकायों में महापौर, अध्यक्ष, सभापति पद के लिए आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को निकाली गई। नगर निगम में महापौर पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। लगातार दूसरी बार निगम की कमान महिला के हाथों में होगी।
निकाय चुनाव में महिला दावेदारों की भूमिका अहम होगी। वर्ष 2021 में हुए निकाय चुनाव में महापौर पद अनुसूचित जाति महिला के लिए निर्धारित था। इस पद पर भाजपा की ब्रजलता हाड़ा महापौर चुनी गईं। हाड़ा को 61 और कांग्रेस की डॉ. द्रोपदी कोली को 19 वोट मिले थे। निगम में भाजपा के 48, कांग्रेस के 18, रालोपा का एक और 13 निर्दलीय पार्षद थे।
इस बार महापौर सीट सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। किसी भी वर्ग की महिला महापौर पद के लिए चुनाव लड़ सकेगी। हालांकि पद सामान्य महिला को मिलेगा।
साल 1990 में भाजपा के रतनलाल यादव, 1995 में वीर कुमार सभापति बने। उनके निधन के बाद विद्या कमलाकर जोशी, सुरेंद्र सिंह शेखावत सभापति रहे। 2000 में अनिता भदेल सभापति बनीं। 2003 में उनके विधायक बनने पर सरोज जाटव सभापति बनीं। 2005 में धर्मेंद्र गहलोत तत्कालीन नगर परिषद के सभापति रहे। इसके बाद 2008 में नगर निगम बनने के बाद पहले महापौर गहलोत बने। साल 2010 में कांग्रेस के कमल बाकोलिया सीधे चुनाव के जरिए महापौर चुने गए थे। 2015 में हुए चुनाव में गहलोत महापौर चुने गए थे। वर्ष 2021 महापौर पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होने से ब्रजलता हाड़ा महापौर बनीं।
निकाय प्रमुखों के पदों का आरक्षण तय होने के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया जिला कलक्टर स्तर पर पूरी की जाएगी। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और महिला आरक्षण के आधार पर वार्ड निर्धारित होंगे।
महापौर के लिए सामान्य महिला का पद होने से अब सबकी नजर वार्डों की लॉटरी पर टिकी हुई है। इसमें सामान्य महिला की दावेदारी, सामान्य महिला चेहरे कौन से हो सकते हैं, इस पर फोकस रहेगा। वर्तमान सामान्य महिला पार्षदों पर दोनों दल दांव खेलेंगे या कोई नया चेहरा उतारने की रणनीति बनाएंगे, यह अभी भविष्य के गर्त में है। लेकिन यह स्पष्ट है कि सामान्य पुरुष की उम्मीद लगाए कई पार्षदों, नेताओं के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
पुष्कर नगर परिषद - अध्यक्ष अनुसूचित जाति, पहले सामान्य वर्ग।
सरवाड़ नगर पालिका - अध्यक्ष ओबीसी, पहले सामान्य महिला वर्ग।
किशनगढ़ नगर परिषद - अध्यक्ष अनारक्षित, पहले सामान्य वर्ग।
केकड़ी नगर पालिका - अध्यक्ष अनारक्षित, पहले ओबीसी।
नसीराबाद नगर पालिका - अध्यक्ष अनारक्षित, पहले सामान्य महिला।
सावर नगर पालिका - अध्यक्ष अनारक्षित (पहली बार होगा चुनाव)।
पीसांगन नगर पालिका - अध्यक्ष अनारक्षित (पहली बार होगा चुनाव)।
टांटोटी नगर पालिका - अध्यक्ष अनारक्षित (पहली बार होगा चुनाव)।