उर्स की पहली महफिल 24 फरवरी को
अजमेर. ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 808 वें उर्स का झंडा दरगाह के बुलंद दरवाजे पर गुरुवार को असर की नमाज के बाद कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच धूमधाम से हजारों जायरीन सहित खादिमों की मौजूदगी में चढ़ाया गया। इसी के साथ उर्स की औपचारिक शुरुआत होगी। उर्स की पहली महफिल 24 फरवरी को होगी और इसी दिन सुबह साढ़े चार बजे जन्नती दरवाजा खोला जाएगा।
शाम को असर की नमाज की नमाज के बाद भीलवाड़ा से आए गौरी परिवार के फखरूद्दीन गौरी, खादिमों व जायरीन की मौजूदगी में झंडे का जुलूस दरगाह कमेटी के गेस्ट हाउस से मारूफ अहमद की सदारत में रवाना हुआ। जुलूस के आगे कव्वाली गाते हुए शाही कव्वाल व बैंड बाजे चल रहे थे। जुलूस के रवाना होने के साथ ही अकीदतमंद में झंडे को चूमने की होड़ मच गई। झंडे का जुलूस लंगरखाना गली से नला बाजार होता हुआ दरगाह के निजाम गेट में दाखिल हुआ। यहां भीड़ झंडे को चूमने और छूने के लिए आगे बढ़ी, जिन्हें पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद नियंत्रण में लिया। इसके बाद बुलंद दरवाजे पर उर्स का झंडा चढ़ाया गया।