अजमेर

Appointment: सीबीएसई ने मांगे आवेदन, डेप्यूटेशन पर रखेंगे अधिकारी

देश के विभिन्न दफ्तरों में अफसर रखे जाएंगे प्रतिनियुक्ति पर।

2 min read
Jul 31, 2020
cbse officer job

अजमेर.

सीबीएसई ने प्रतिनियुक्ति के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आवेदन मांगे हैं। अधिकारी शुक्रवार से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

सीबीएसई के अजमेर सहित प्रयागराज, दिल्ली, पुणे, गुवाहाटी, पंचकुला, देहरादून, पटना, भुवनेश्वर, भोपाल, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और अन्य क्षेत्रीय कार्यालय हैं। इनमें विभिन्न पदों पर अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। बोर्ड ने दिल्ली रीजन सहित मुख्यालय और अन्य कार्यालयों के लिए संयुक्त सचिव, सहायक सचिव (विधि), वरिष्ठ लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, कनिष्ठ लेखाधिकारी, आंतरिक मूल्यांकन और वित्तीय सलाहकार पद के लिए आवेदन मांगे हैं। इन पदों पर अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखा जाएगा।

स्कूल से भी खराब यूनिवर्सिटी के हाल, आठवां विभाग चलेगा रामभरोसे

रक्तिम तिवारी/अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के हालात सीनियर सेकंडरी स्कूल से बदतर हो चले हैं। विश्वविद्यालय में 1 अगस्त से मात्र 16 शिक्षक रह जाएंगे। यहां आठवां विभाग भी रामभरोसे चलेगा। कोरोना संक्रमण के चलते कक्षाएं बंद हैं, वरना विवि, सरकार और राजभवन के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है।

विश्वविद्यालय में कला, वाणिज्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, विधि, पत्रकारिता और अन्य संकाय संचालित हैं। मौजूदा वक्त 17 स्थाई शिक्षक कायर्रत हैं। जनसंख्या अध्ययन विभाग होगा खालीजनसंख्या अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मी ठाकुर 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगी। लम्बे अर्से से वे विभाग की एकमात्र शिक्षक हैं। उनके कार्यरत रहते हुए यहां दो-तीन गेस्ट फेकल्टी पढ़ा रही हैं। 1 अगस्त से विभाग पूरी तरह अस्थाई शिक्षकों के भरोसे चलेगा।

इन विभागों में नहीं कोई शिक्षक
-राजनीति विज्ञान, इतिहास, रिमोट सेंसिंग, वैदिक वांग्मय, बीएड, एमएड, हिंदी, पत्रकारिता, कॉमर्स, लॉ विभाग, जनसंख्या अध्ययन (1 अगस्त से)

एक शिक्षक के भरोसे यह विभाग
कम्प्यूटर विज्ञान, जूलॉजी, बॉटनी, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री, अर्थशास्त्र

इसीलिए पिछड़ा ग्रेडिंग में....
यूजीसी ने साल 2004 और 2017 में विश्वविद्यालय को बी डबल प्लस ग्रेड प्रदान की। इसे ए या ए प्लस ग्रेडिंग नहीं मिलने की एकमात्र वजह शिक्षकों कमी है। नैक टीम ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती को जरूरी बताया है। शिक्षकों की कमी के चलते ही विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या भी सीमित है।

Published on:
31 Jul 2020 07:39 am
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