सात साल में यह पहला अवसर है जबकि आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों का कोरम पूरा हुआ है।
अजमेर.
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले पुलिस महानिदेशक रहे डॉ. भूपेंद्र यादव ने राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष पद संभाल लिया है। उनके अलावा आयोग में चार नए सदस्यों की नियुक्ति भी हुई। सात साल में यह पहला अवसर है जबकि आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों का कोरम पूरा हुआ है।
पूर्व अध्यक्ष दीपक उप्रेती ने 23 जुलाई 2018 को कार्यभार सम्भाला था। आयोग के नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से उप्रेती का कार्यकाल बुधवार को पूरा हो गया। राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को ही सेवानिवृत्त हुए निर्वतमान डीजीपी डॉ. भूपेंद्र यादव को अध्यक्ष और चार नए सदस्यों की नियुक्त आदेश जारी किए। डॉ.यादव आयोग के 35 वें अध्यक्ष बने हैं।
जल्द कराएंगे परीक्षाएं-साक्षात्कार
पदभार संभालने के बाद पत्रकारों में बातचीत में डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 34 साल पुलिस सेवा में बिताए हैं। कानून की पालना, आईपीसी धाराओं से ज्यादा वास्ता रहा है। राजस्थान लोक सेवा आयोग संवैधानिक संस्था है। कोरोना संक्रमण के आरएएस 2018 सहित जो साक्षात्कार और परीक्षाएं बकाया हैं, उन्हें समय रहते पूरा किया जाएगा। निवर्तमान अध्यक्ष उप्रेती ने संस्थान को सशक्त बनाया है। इसके अनुरूप वे आयोग के कामकाज को गति देने और प्रतिष्ठा बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
आयोग को मिले चार सदस्य
राज्यपाल मिश्र ने आयोग को चार नए सदस्यों की नियुक्ति आदेश भी जारी किए। इनमें डॉ. मंजू शर्मा, डॉ. संगीता आर्य, जसवंत राठी और विधायक बाबूलाल कटारा शामिल हैं। चार सदस्यों की तैनाती के साथ आयोग का कोरम पूरा हो गया है। मालूम हो कि आयोग में अध्यक्ष सहित सात सदस्यों का कोरम होता है।
20 साल बाद डीजीपी को कमान
सरकार ने करीब बीस साल बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग में पुलिस महानिदेशक को अध्यक्ष नियुक्त किया है। इनसे पूर्व देवेंद्र सिंह 1997 से 2000 तक अध्यक्ष थे। वे तब राज्य पुलिस महानिदेशक भी रहे थे। अब डॉ भूपेन्द्र सिंह यादव को महानिदेशक रहने के बाद अध्यक्ष बनने का अवसर मिला है। डॉ यादव ने अजमेर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है। वे 1978-79 बैच के टॉपर भी रहे हैं।