
अजमेर. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की नई आपातकालीन इकाई की गतिविधियां पर भी अब तीसरी नजर रहेगी। आपातकालीन इकाई में उपचार के दौरान परिजन की ओर से नाराजगी एवं चिकित्सक व नर्सिंगकर्मियों की शिकायतों व अन्य घटनाओं को रोकने के लिए कैमरे की नजर महत्वपूर्ण साबित होगी।
अस्पताल की आपातकालीन इकाई के लोकार्पण के बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के चलते नए सीसीटीवी कैमरों की न तो खरीद हो पाई और ना टेण्डर हो पाए। हाल ही में अस्पताल में नर्सिंगकर्मी एवं कांग्रेस नेता के मध्य हुए विवाद के अलावा नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी व cctv camera watch activities in नर्सिंगकर्मी के मध्य हुए विवाद के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से पुरानी आपातकालीन इकाई व अन्य जगह के चार सीसीटीवी कैमरे उतरवाकर नई आपातकालीन इकाई में लगाए गए हैं।
आपातकालीन इकाई में हॉल, चिकित्सक कक्ष एवं आपातकालीन इकाई के बाहर मुख्य प्रवेश द्वार पर भी सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया गया। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद नए सीसीटीवी कैमरे आने पर अन्य जगह व आपातकालीन वार्ड में भी लगाए जाएंगे। यह होगा फायदासडक़ दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को लेकर आने वाले परिजन व साथियों के आक्रोशित होने या लापरवाही आदि के आरोप पर मामले की सत्यता सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखकर जान सकेंगे। नर्सिंगकर्मियों व चिकित्सकों की ड्यूटी के दौरान होने वाली शिकायतों की सत्यता का भी पता चल पाएगा। नर्सिंग स्टाफ व अन्य की ड्यूटी व कार्य पर भी कैमरे की नजर रह पाएगी।