विद्यार्थियों को कैंपस खुलने का इंतजार है, लेकिन हालात इसकी इजाजत नहीं दे रहे हैं।
अजमेर.
स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के कैंपस सूने पड़े हैं। कैंपस में स्टूडेंट्स की कोई चहल-पहल नहीं है। कैंटीन में गपशप, स्पोट्र्स और कल्चर ईवेंट्स नहीं हो रही। कोरोना संक्रमण के चलते पूरे देश में शैक्षिक परिसरों में ये ही नजारा दिख रहा है। विद्यार्थियों को कैंपस खुलने का इंतजार है, लेकिन हालात इसकी इजाजत नहीं दे रहे हैं।
स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को कोरोना संक्रमण के चलते बंद रखने का फैसला किया गया है। 72 साल में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है सबसे ज्यादा दिक्कतें नए प्रवेश और कक्षाओं के संचालन की हैं।
स्टूडेंट्स को इंतजार
आरबीएसई, सीबीएसई के नतीजे निकल चुके हैं। फस्र्ट ईयर में एडमिशन प्रोसेस पूरा हो चुका है। स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को कैंपस खुलने का इंतजार है। ऑफलाइन क्लास के बजाय विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। कैंटीन और कक्षाओं में दिखने वाली रौनक गायब है।
आसान नहीं है फैसला लेना...
देश के सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों की ऑफलाइन क्लास मुश्किल हैं। केंद्र और राज्य सरकार स्तर पर फिलहाल शैक्षिक संस्थान खोलना आसान नहीं है। हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 14 अक्टूबर से कड़ी गाइडलाइंस के साथ स्कूल-कोचिंग संस्थान खोलने की मंजूरी दी है। कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे से हालात खराब हैं। ऐसे में संस्थानों में पढ़ाई शुरू हुई तो स्थिति बिगड़ सकती है।
17 अक्टूबर से शुरू होंगे व्रत और त्यौंहार
अजमेर. आसोज अधिक मास में व्रत-त्यौंहारों की धूम शुरू होने वाली है। नवंबर तक विभिन्न त्यौंहार, व्रत-उपवास और अन्य धर्मों के कार्यक्रम होंगे। ऋतु परिवर्तन के साथ खान-पान और पहनावा में बदलाव होगा। शुभ मुर्हूत में वैवाहिक कार्यक्रम भी होंगे।