अवैध रूप से खुलने वाली दुकानों के लिए सम्बन्धित थाने के एसएचओ जिम्मेदार होंगे।
शहर के बाजारों तथा गली मोहल्लों में अवैध रूप से खुलने वाली दुकानों के लिए सम्बन्धित थाने के एसएचओ जिम्मेदार होंगे। एडीएम (सिटी) अरविन्द कुमार सेंगवा के निर्देश पर एडिशनल एसपी ने शहर के सभी थानेदारों को इस सम्बन्ध में निर्देश जारी कर दिए। वहीं गुरुवार को कचहरी रोड पर अवैध रूप से पटाखा बेचने के लिए टेंट लगाने और रास्ता जाम करने के मामले में चार दुकानदारों गिरफ्तार किए जाने की घटना शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
इस कार्यवाही से अवैध रुप से पटाखे की दुकान चलाने वाले में भय भी नजर आया। अधिकतर अवैध पटाखों की दुकानें बंद नजर आई। मामले में खास है कि अभी तक जिला प्रशासन ने किसी को पटाखा बेचने का लाइसेंस ही जारी नहीं किया है इसके बावजूद गली मोहल्लों में पटाखों की दुकानें खुल गई है। पटाखे की दुकान के लिए पक्की दुकान का होना जरूरी है लेकिन सड़क के किनारे खुले में पटाखे बेचे जा रहे हैं सुरक्षा मानक भी ताक पर रखे जाते हैं। होटल व ढाबे तथा मिठाई की दुकानों के पास भी पटाखे बेचे जाते हैं।
काम नहीं आई सिफारिश :
अवैध रूप से पटाखा बचने तथा रास्ता जाम करने के मामले में दुकानदार सुनील, मुकेश, राजेश भार्गव तथा अनिल चौरसिया को शंातिभंग के मामले में गिरफ्तारी के बाद राजनेताओं तथा अन्य की पैरोकारी भी काम नहीं आई। एक दुकानदार का भाई जो पूर्व में एडीएम सिटी कार्यालय में काम कर चुका है वह भी अपने भाई के सिफाशि के लिए पहुंचा लेकिन नाकाम रहा।
वहीं कुछ दुकानदारों ने तर्क किया कि वे पहले ही पटाखे खरीद चुके हैं लेकिन उनकी यह तर्क भी काम नहीं आया। अतिरिक्त जिला कलक्टर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सड़क पर पटाखा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पटाखा बेचने से पूर्व लाइसेंस लेना होगा तथा सुरक्षा मानकों की पालना करनी होगी। यातायात व्यवस्था में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। दुकान के अंदर ही पटाखे बेचे जाएं। स्वीकृत नक्शे के तहत ही पटाखे की दुकान खोली जाएं।