लोगों ने गले मिलकर एकदूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। ईद के मौके पर दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया। जायरीन में दरवाजे से निकलने की होड़ रही।
अजमेर. ईद उल फितर का पर्व सोमवार को पारम्परिक रूप से मनाया गया। मुस्लिम धर्मावलंबियों ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह सहित केसरगंज ईदगाह और अन्य मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की। नमाजियों ने मुल्क में अमन चैन, भाईचारा और खुशहाली की कामना की । लोगों ने गले मिलकर एकदूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। ईद के मौके पर दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया। जायरीन में दरवाजे से निकलने की होड़ रही।
ईद के मुबारक मौके पर सुबह 7 बजे केसरगंज स्थित ईदगाह में नमाजी पहुंचना शुरू हो गए। नमाजियों की कतारें ईदगाह से केसरगंज गोल चक्कर तक पहुंच गई। ठीक 9 बजे तोप दागी गई. इसके बाद ईदगाह में शहर काजी तौफीक अहमद ने हजारों नमाजियों को नमाज अदा करवाई। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित संदली मस्जिद, अकबरी मस्जिद, शाहजहांनी मस्जिद सहित क्लॉक टावर, कलक्ट्रेट मस्जिद, चौरसियावास, रातीडांग, सोमलपुर, खानपुरा सहित विभिन्न इलाकों में में नमाज अदा की गई। नमाजियों के लिए ईदगाह और मस्जिदों में पानी-छाया की व्यवस्था की गई।
जन्नती दरवाजे से निकलने की होड़
ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में वर्ष में चार बार खुलने वाला जन्नती दरवाजा तड़के 4 बजे खोला गया। जायरीन में मखमली चादर और गुलाब के फूल लेकर जन्नती दरवाजे से निकलने की होड़ रही।
मुस्लिम समुदाय ने की ईद के लिए खरीदारी
शव्वाल माह का चांद दिखाई देने के साथ मुस्लिम समुदाय ईद की तैयारी में जुट गया। बाजारों में ईद को लेकर खरीदारी की गई। देर रात तक लोगों ने कपड़े, मिठाई और अन्य सामग्री खरीदी। बाजारों में सेवइयां, लच्छा, ईत्र व टोपी की खरीदारी हुई। देर रात तक बाजारों में चहल पहल नजर आई। जामा मस्जिद फूलागंज में झूले लगाए गए हैं। सोमवार को ईद की नमाज अदा की।
जन्नती दरवाजे का महत्व
दरगाह स्थित जन्नती दरवाजे का महत्व है। सदियों पूर्व ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती यहां नमाज पढ़ते थे। यह दरवाजा बहुत पवित्र माना जाता है। प्रतिवर्ष 1 से 6 रजब तक ख्वाजमोईनुद्दीन के सालाना उर्स, ईदुल-फितर, ईदुल जुहा, ख्वाजा उस्मान हारूनी के उर्स के मौके पर जन्नती दरवाजा खोला जाता है। इसके अलावा सालभर तक दरवाजा बंद रहता है। दूरदराज से आए जायरीन यहां मन्नत का धागा बांधते हैं। कई अपनी मुरादों को लेकर चिट्ठी बांधने के अलावा ताले भी लगाते हैं। मन्नत पूरी होने पर धागा, चिट्ठी और तालों को खोलते हैं।
बॉलीवुड-नेता भी पहुंचते दरगाह
दरगाह में सभी धर्मों की गहरी आस्था है। यहां बॉलीवुड के सितारे, नेता भी पहुंचते हैं। इसके अलावा विभिन्न देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री जियारत करते हैं। सदियों पूर्व राजा-महाराजा, बादशाह भी यहां मन्नत मांगने पहुंचते थे। कई बादशाहों-राजाओं ने दरगाह में निर्माण कार्य कराए हैं।
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तकनीकी कार्य के चलते रेल सेवाएं प्रभावित
अजमेर. उमरदाशी-छापी स्टेशनों के मध्य ब्रिज संख्या 890 पर तकनीकी कार्य के चलते कई रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इस कारण 1 अप्रेल को ब्लॉक लिया जाएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार कई गाडि़यों का समय प्रभावित रहेगा।
मार्ग परिवर्तित रेलसेवाएं ( प्रारम्भिक स्टेशन से)
गाडी संख्या 19223, गांधीनगर कैपिटल-जम्मूतवी 1 अप्रेल को गांधीनगर कैपिटल से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग महेसाना-पाटन-भीलडी-पालनपुर होकर संचालित होगी।
-गाडी संख्या 19031, अहमदाबाद-योगनगरी ऋषिकेश 1 अप्रेल को अहमदाबाद से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग महेसाना-पाटन-भीलडी-पालनपुर होकर संचालित होगी।
-गाडी संख्या 19412, दौलतपुर चौक-साबरमती 31 मार्च को दौलतपुर चौक से रवाना होकर परिवर्तित मार्ग पालनपुर-भीलडी-पाटन- महेसाना होकर संचालित होगी।