एलिवेटेड रोड के लिए सर्वे पूर्व में हो चुके हैं। रोड निर्माण के लिए जिले के जनप्रतिनिधि खेमों में बंटे हुए हैं।
स्टेशन रोड पर यातायात का दबाव कम करने के लिए मार्टिंडल ब्रिज से आगरा गेट वाया हाथीभाटा जयपुर रोड होते हुए पुरानी आरपीएससी तक एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इसका निर्माण स्मार्ट सिटी के तहत होगा। शहर के गांधी भवन चौराहा, अदालत भवन के बाहर जयपुर रोड, महावीर सर्किल आगरा गेट तथा मार्टिंडल ब्रिज पर एक्चुअल फिजिबिलिटी स्टडी के तहत सीवीएस व ओडी सर्वे किया गया।
सर्वे का काम एमएनआईटी जयपुर के जरिए एमएस भूमि इंजीनियर के अभियंता व कर्मचारी कर रहे हैं। सर्वे में सुबह 8 से रात 8 बजे तक सड़कों पर सुबह से शाम तक वाहनों की संख्या, किस क्षेत्र के लिए अधिक वाहन गुजरने आदि की जानकारी जुटाई गई। उसके बाद यह तय किया जाएगा कि एलिवेटेड रोड बन सकता है या नहीं इसका स्वायल टेस्ट करवाया जा रहा है।
इस बार एलिवेटेड रोड की डिजाइन में बदलताव किया जा रहा है। इसे सिंगल पिलर पर फोर लेन के रूप में बनाया जाएगा। दोनों भुजाओं की ऊंचाई अलग-अलग होगी। इस पर 162 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। फोर लेन होने से एलिवेटेड रोड से आना और जाना सुगम होगा। इसका निर्माण मौजूदा सड़क डिवाइडर के बीच सिंगल पिलर पर होगा इससे पुल के नीचे से भी आसानी से आवाजाही हो सकेगी।
आवश्यक है एलिवेटेड रोड
स्टेशन रोड कचहरी रोड तथा आगरागेट पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड रोड आवश्यक है। ब्यावर रोड से पुष्कर, नागौर तथा जयपुर रोड की तरफ आने-जाने वाले वाहनों को स्टेशन रोड, कचहरी रोड से गुजरना नहीं पड़ेगा। वे सीधे ही एलिवेटेड रोड के जरिए गांधी भवन आगरा गेट, हाथीभाटा होते हुए बिना भीड़ व जाम का सामना किए तुरंत जा सकेंगे।
पांच साल से कागजों में प्रस्ताव
गौरतलब है कि शहर में एलिवेटेड रोड निर्माण का प्रस्ताव पिछले पांच सालों से कागजों में चल रहा है। एलिवेटेड रोड के लिए सर्वे पूर्व में हो चुके हैं। एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए जिले के जनप्रतिनिधि खेमों में बंटे हुए हैं। कुछ इसे बनाए जाने के पक्ष में हैं तो कुछ विरोध में। वर्तमान में स्टेशन रोड ही शहर के दो हिस्सों को जोडऩे का एक मात्र विकल्प है। इस रोड पर दिनोदिन यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। इस पर दबाव कम करने के लिए पालबीसला वैकल्पिक सड़क की कवायद शुरू की गई थी लेकिन मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में है।