गरीब विद्यार्थियों को आईएएस-आईपीएस की कराएंगे तैयारी। विद्यार्थियों का चयन भी वे अपने तय मानकों के अनुसार करेंगे।
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
बिहार के सुपर-30 कक्षाओं की तर्ज पर अब राजस्थान में सुपर-20 की शुरुआत होने जा रही है। आरपीएससी अध्यक्ष और राजस्थान पुलिस के डीजीपी अभावग्रस्त 20 विद्यार्थियों को आईएएस और आईपीएस की नि:शुल्क तैयारी कराएंगे। वे उनकी जरूरी आवश्यकताओं को अपने खर्चे पर पूरा करेंगे। इन विद्यार्थियों का चयन भी वे अपने तय मानकों के अनुसार करेंगे।
दीपक उप्रेती इस वक्त आरपीएससी के अध्यक्ष हैं। वे गृह, वित्त, स्वास्थ्य, खान-पेट्रोलियम सहित अन्य विभागों केअतिरिक्त/प्रमुख मुख्य सचिव रह चुके हैं।
डॉ. भूपेंद्र यादव मौजूदा वक्त पुलिस महानिदेशक हैं। वे सरदार पटेल पुलिस विवि के कुलपति, डीजी जेल, कम्यूनिटी पुलिस और राजस्थान पुलिस अकादमी के एडीजी सहित कई पदों पर रहे हैं।
समाज को कुछ लौटाने की चाह..
उप्रेती और डॉ. यादव की मानें तो विद्यार्थी जीवन से सर्वोच्च पायदान तक समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब इसे वापस लौटाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। लिहाजा दोनों ने एक नई शुरुआत का फैसला किया है। जयपुर में उप्रेती-यादव मिलकर सामाजिक दायित्व की नींव रखेंगे।
नि:शुल्क पढ़ाएंगे विद्यार्थियों को
उप्रेती और डॉ. यादव बेहद अभाव और सीमित संसाधनों में किसी तरह पढ़ाई कर रहे 20 विद्यार्थियों का चयन करेंगे। इनमें ऐसे युवा शामिल होंगे जो आईएएस और आईपीएस बनना चाहते हैं। दोनों कुछ बिंदुओं-मानकों पर युवाओं का चयन कर उन्हें नि:शुल्क पढ़ाएंगे। वे विद्यार्थियों को बताए बगैर उनकी किताबें-कॉपियों और जरूरी आवश्यकताओं को अपने खर्चे पर पूरा करेंगे। दोनों जल्द इसकी योजना बनाकर काम शुरु करेंगे।
यूं आया ख्याल..
उप्रेती और यादव अपने मौजूदा पदों से जल्द रिटायर होंगे। कई संस्थानों ने उनसे संपर्क करने शुरू कर दिए हैं। लेकिन दोनों संस्थानों के निहित लाभ से वाकिफ हैं। दोनों जिन आहदों पर हैं वह राज्य में अहम माने जाते हैं। इससे निम्नतर पदों पर कामकाज करना अच्छा परम्परा नहीं मानी जाती है। इसके अलावा बिहार के सुपर-30 कक्षाएं चलाने वाले आनंद कुमार ने भी उन्हें प्रेरित किया है।
कार्यकाल खत्म होने के बाद आईएएस-आईपीएस की तैयारी करने वाले युवाओं को नि:शुल्क पढ़ाएंगे। डीजीपी यादव भी तैयार हैं। जो कुछ समाज से लिया है वह किसी भी व्यक्ति को वापस लौटाना ही चाहिए। हमारे शैक्षिक-प्रशासनिक अनुभवों से युवाओं को फायदा हो यही इच्छा है।
दीपक उप्रेती, अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग