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अजमेर. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आने वाले जायरीन की सुविधा के लिए धानमंडी से दरगाह तक के करीब आधा किलोमीटर रास्ते पर मार्बल फर्श बिछाया जाएगा। दरगाह परिसर में धूप और बारिश से बचाव के लिए हाइड्रोलिक छतरियां लगाई जाएंगी।
इसके लिए दरगाह कमेटी ने कार्य योजना बनाई है। मार्बल फर्श बिछाने से लोगों को आवाजाही में सहूलियत होगी। सफाई भी आसानी से हो सकेगी। इसके अलावा दुकानदार भी दुकानों के बाहर अतिक्रमण नहीं कर सकेंगे।
ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में सिटी आइकॉनप्रोजेक्ट के तहत करोड़ों रुपए के विकास कार्य होने हैं। दरगाह कमेटी के सदर अमीन पठान ने बताया कि दरगाह कमेटी का साफ-सफाई पर ज्यादा जोर है।
धानमण्डी से दरगाह तक मार्बल लगाने से सफाई में दिक्कत नहीं आएगी। दरगाह के आस-पास का ड्रेनेज सिस्टम भी सही करवाया जाएगा, ताकि नाले का गंदा पानी बहकर सडक़ पर नहीं आए। दरगाह कमेटी की 1 व 2 सितम्बर को होने वाली बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। नहीं होगी फिसलन : पठान का दावा है कि दरगाह तक बिछाए जाने वाला मार्बल इस तरह का होगा कि उसमें फिसलन बिल्कुल नहीं होगी। मार्बल खरीद में इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा कि आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं हो।
हाइड्रोलिक छतरियां इसलिए :
दरगाह परिसर में धूप और बारिश से बचाव के लिए वर्तमान में दरगाह कमेटी ने विभिन्न स्थानों पर टेंट लगा रखे हैं। इससे परिसर की खूबसूरती ढकी गई है। इसे देखते हुए कमेटी ने अब हाइड्रोलिक छतरियां लगाने का निर्णय किया है।