म्यूल हंटर अभियान : मार्बल नगरी के तीन थाना क्षेत्र में 55 म्यूल बैंक खाते, मदनगंज क्षेत्र में सर्वाधिक 45, -अजमेर के सदर कोतवाली व कृष्णगंज भी संवेदनशील
अजमेर(Ajmer News). साइबर क्राइम के खिलाफ चल रहे ‘म्यूल हंटर अभियान’ में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अजमेर जिले की मार्बल नगरी किशनगढ़ सर्वाधिक 55 संदिग्ध बैंक खातों के साथ शीर्ष पर है, जहां इन म्यूल खातों में फर्जी लेन-देन का बड़ा खेल चल रहा है। साइबर थाना पुलिस और जिला पुलिस ने जिले के 5 थानों में कार्रवाई करते हुए नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में तेजी दिखाई है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच अजमेर पुलिस ने ‘म्यूल हंटर अभियान’ में फर्जी बैंक खातों के नेटवर्क पर सख्ती शुरू की है। जांच में सामने आया है कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे बैंक खाते सक्रिय हैं जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर-निकासी समेत अवैध लेन-देन में किया जा रहा है।
जिले में सबसे अधिक मामले मदनगंज (किशनगढ़) क्षेत्र में सामने आए हैं। जहां 45 म्यूल खाते चिन्हित किए गए हैं। इसमें गांधीनगर थाने के 7 और किशनगढ़ थाने के 3 खाते जोड़ दिए जाएं तो किशनगढ़ शहर सर्किल में 55 म्यूल बैंक खाते संचालित हैं। इसके बाद अजमेर के कोतवाली थाना क्षेत्र में 23 और कृष्णगंज में 19 म्यूल खातों की पहचान हुई है।
इसके अलावा जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में श्रीनगर में 12, नसीराबाद में 7, गांधीनगर में 7, पुष्कर में 6, पीसांगन, सिविल लाइंस, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, अलवर गेट थाना क्षेत्र में 5-5 म्यूल खातों की पहचान हुई है। जिले में पांच से कम मामलों वाले क्षेत्रों में आदर्शनगर (4), क्लॉक टावर (3), किशनगढ़ (3), गेगल (2) व सावर, रूपनगढ़, रामगंज, गंज, दरगाह थाना क्षेत्र 1-1 म्यूल बैंक खाते संचालित हैं।यहां हुई कार्रवाई
म्युल हंटर अभियान में सिविल लाइंस थाना, रूपनगढ़, बांदरसिंदरी, क्रिश्चियनगंज, अंराई थाने में फर्जी बैंक खातों में रकम ट्रांसफर व साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर होने पर खाताधारक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा चुकी है।
आमजन को अपने बैंक खातों में आने वाली रकम के मामले में सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऑनलाइन लेन-देन में कई मर्तबा साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर होने पर भी आप साइबर क्राइम की जद में आ सकते हैं। बड़ी राशि के लेन-देन में सावधानी बरतने की जरूरत है।
जालसाज अन्य लोगों के नाम पर म्यूल खाते खोलते हैं और लालच या धोखे से साइबर अपराधी इस्तेमाल करते हैं। अभियान में खाताधारकों की पहचान, बैंकिंग लेन-देन की जांच, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आगामी दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा। बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
हर्षवर्धन अग्रवालाएसपी, अजमेर