
हत्या की आरोपी रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता और पुत्री सरिता और इनसेट में मृतक पति और दूसरी पत्नी की फाइल फोटो: पत्रिका
Ajmer Murder Case: अजमेर के श्रीरामपुरा गांव में कांग्रेस नेता, उसकी मां, दूसरी पत्नी और मौसेरी बहन की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या और शवों को जलाने की वारदात में कार से निकाले गए कपड़ों से आई डीजल की गंध और वारदात स्थल घर पर की गई धुलाई ने मामले की पोल खोलकर रख दी। पुलिस जांच के लिए पहुंची तो पूरा मकान धुला हुआ मिला। खुले चौक में खून के धब्बे नजर आए। मकानों की दीवारों और बर्तनों पर भी खून के छींटे दिखे। फॉरेंसिक टीम की जांच में स्थिति साफ हो गई।
वहीं कार में मिले शवों एवं मृतक महिला में से किसी ने भी जूते चप्पल नहीं पहने थे। चालक सीट पर कोई व्यक्ति जला हुआ नहीं मिला। इससे भी पुलिस को संदेह गहरा गया। सीएचसी बोराडा पर सहायक उप निरीक्षक सुरेश चन्द ने उपचार के लिए लाई गई महिला की पहचान सुरज्ञान पत्नी रामसिंह चौधरी के रूप में की। उसके गले और सिर पर कट के निशान थे।
प्रकरण में पुलिस ने रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता और बच्चों से पूछताछ की। उसने बताया कि सास पूसी देवी की तबीयत खराब होने पर पति रामसिंह दूसरी पत्नी सुरज्ञान और मौसेरी बहन महिमा सुबह साढ़े 5 बजे कार से चिकित्सक को दिखाने निकले। पूछताछ में सुनीता, उसकी पुत्री और पुत्र ने घटना को लेकर अलग-अलग कहानी बताई। इससे पुलिस की जांच का केंद्रबिंदु हत्याकांड हो गया।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि रामसिंह ने वर्ष 2016 में सुरज्ञान से दूसरी शादी की थी। इसके बाद से वह तीनों से मारपीट करता था। तीनों को घर से बाहर कहीं आने-जाने नहीं देता था। परेशान होकर करीब 4-5 माह पहले ऑनलाइन धारदार हथियार मंगवाकर उसे सबक सिखाने की साजिश रची। मामले में श्रीरामपुरा निवासी गजराज (28) पुत्र सीताराम जाट ने सीएचसी बोराडा पर रिपोर्ट पेश की।
27 मई को रामसिंह व सुनीता में विवाद हुआ था। 28 मई को सुबह करीब 4 बजे नाबालिग किशोर सहित उसकी मां और बहन ने धारदार हथियार से वार कर रामसिंह, सुरज्ञान, पूसी देवी और महिमा को मौत के घाट उतार दिया। बाद में चारों को कार में डालकर और ट्रैक्टर से डीजल निकालकर घर 500 मीटर दूर कासीर गांव व टोल प्लाजा के बीच सड़क किनारे वाहन में आग लगा दी।
श्रीरामपुरा के चौहरा हत्याकांड का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा करते हुए पूर्व सरपंच रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता देवी (43) व उसकी पुत्री सरिता सिंह उर्फ एकता (18) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि विधि विरुद्ध संघर्षरत नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि घटनास्थल से कुछ दूर मिली कार में आग बुझाने के बाद पिछली सीट पर तीन शव जली हालत में मिले। ग्रामीणों ने कार श्रीरामपुरा निवासी पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी की बताई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण लालचन्द कायल, वृत्ताधिकारी किशनढ़ आयुष वशिष्ठ, थानाधिकारी बोराडा सूर्यभान सिंह के निर्देशन में टीम गठित की गई। एमओबी एवं मोबाइल फोरेन्सिक यूनिट को भी बुलाया गया।
Updated on:
30 May 2026 10:40 am
Published on:
30 May 2026 10:40 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
