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Ajmer Murder Case: पहली पत्नी को मुर्गा बनाकर पीटता था कांग्रेस नेता रामसिंह, 4 लोगों की हत्या मामले में खुल रहे राज

Congress leaders Ramsingh Chaudhary: पड़ताल में सामने आया कि रामसिंह का पहली पत्नी सुनीता से लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि रामसिंह दूसरी पत्नी सुरज्ञान के साथ शराब पार्टी करता था और पहली पत्नी सुनीता व उसके बच्चों को मुर्गा बनाकर पीटता था।

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Ajmer Murder Case

रामसिंह चौधरी व सुरज्ञान देवी। पत्रिका फाइल फोटो

Ajmer Four People Murder: अजमेर। अजमेर जिले के श्रीरामपुरा गांव में चार लोगों की हत्या कर शवों को कार में जलाने के मामले में लगातार कई खुलासे सामने आ रहे है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चारों की अलसुबह घर में सोते हुए धारदार हथियार से हत्या की गई और बाद में शवों को एसयूवी में डालकर डीजल छिड़क आग लगा दी गई, ताकि मामला हादसा लगे। मृतकों में कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी (50), उनकी जिला परिषद सदस्य दूसरी पत्नी सुरज्ञान (40), मां पूसीदेवी (78) और मौसेरी बहन महिमा (34) शामिल है।

पुलिस ने मामले में रामसिंह की पहली पत्नी, उसकी बेटी और नाबालिग पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के अनुसार पड़ताल में सामने आया कि रामसिंह का पहली पत्नी सुनीता से लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि रामसिंह दूसरी पत्नी सुरज्ञान के साथ शराब पार्टी करता था और पहली पत्नी सुनीता व उसके बच्चों को मुर्गा बनाकर पीटता था।

बुधवार रात रामसिंह और सुरज्ञान ने पार्टी की, तब भी सुनीता और रामसिंह में झगड़ा हुआ। इसके बाद आवेश में आकर सुनीता, उसकी बेटी और नाबालिग बेटे ने सोते समय चारों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। पड़ताल के अनुसार नाबालिग पुत्र रामसिंह को पहले भी हत्या के लिए चेता चुका था।

सड़क किनारे जलती मिली एसयूवी

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे श्रीरामपुरा गांव के पास सड़क किनारे एक एसयूवी धू-धू कर जलती मिली। वहां से गुजर रहे एक डम्पर चालक ने कार का पिछला गेट खोला तो आग की लपटों में घिरी एक महिला बाहर गिर गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान सुरज्ञान के रूप में हुई। कार में रामसिंह चौधरी, उनकी मां पूर्व सरपंच पूसीदेवी और महिमा के शव बुरी तरह जल चुके थे।

ट्रैक्टर से निकाला डीजल, फिर लगाई आग

वारदात के बाद आरोपियों ने ट्रैक्टर से डीजल निकाला और शवों को एसयूवी में डालकर घर से करीब 500 मीटर दूर सड़क किनारे एसयूवी में आग लगा दी। इसके बाद तीनों घर लौट आए और साक्ष्य मिटाने में जुट गए। वारदात के बाद तीनों घटनास्थल पर भी नहीं पहुंचे, सुनीता विलाप का ढोंग करती रही।

सुरज्ञान के शरीर से मिला पहला सुराग

प्रारंभिक सूचना में मामला सड़क हादसे का बताया गया था। पुलिस को बताया गया कि रामसिंह मां को अस्पताल ले जा रहे थे, तभी कार में आग लग गई। लेकिन सुरज्ञान के शरीर पर जलने के मामूली निशान और धारदार हथियार के घाव देखकर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने एफएसएल और एमओबी टीम को रामसिंह के घर पहुंचने के निर्देश दिए।

साक्ष्य मिटाने के लिए कर दी थी घर की सफाई

पुलिस टीम जब रामसिंह के खेत स्थित घर पहुंची तो पहली पत्नी सुनीता, बेटी सरिता व नाबालिग बेटा मिले। उन्होंने साक्ष्य मिटाने के लिए घर की सफाई कर दी थी। साथ ही फर्श और बिस्तर भी धो दिए थे। पुलिस ने गहनता से जांच की तो कमरे, दीवार, जमीन, बिस्तर और चारपाइयों पर खून के निशान मिले। एफएसएल ने मौके से खून के नमूने एकत्र किए।

कुछ मिनट में टूटे तीनों

पुलिस ने सुनीता और उसके बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कुछ मिनट में तीनों टूट गए। पूछताछ में सुनीता ने वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने वारदात में काम लिए गए धारदार हथियार भी कुएं से बरामद कर लिए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता, बेटी सरिता और नाबालिग पुत्र को डिटेन कर लिया।