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अजमेर हत्याकांड : हत्या वाली रात कांग्रेस नेता के हैंडल से किए गए कई पोस्ट, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

अजमेर के चर्चित कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी हत्याकांड में अब सोशल मीडिया पोस्ट ने नया रहस्य खड़ा कर दिया है। हत्या से कुछ घंटे पहले उनके अकाउंट से किए गए पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सुरक्षा हटाने पर नाराजगी, राजनीतिक विरोधियों को चुनौती और 'न डरा था, न डरूंगा' जैसे संदेश शामिल हैं।

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अजमेर

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Kamal Mishra

May 28, 2026

Ajmer Murder Viral

हत्या वाली रात सोशल मीडिया हैंडल से किए गए कई पोस्ट (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

अजमेर। अरांई के समीपवर्ती ग्राम श्रीरामपुरा में कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी समेत 4 लोगों की हुई हत्या के बाद उससे जुड़े कई राजनीतिक और सामाजिक पहलू सामने आ रहे हैं। चौधरी का परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है। मां पूसी देवी वर्ष 2005 से 2010 तक पंचायत समिति अरांई की ग्राम पंचायत काशीर की सरपंच रही, हालांकि इस दौरान पंचायत से जुड़े अधिकांश कार्यों का संचालन रामसिंह ही करता था।

सुरक्षा कारणों के चलते अजमेर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से उसके लिए सुरक्षा गार्ड लगाए गए, लेकिन वर्ष 2024 में सुरक्षा हटा ली गई। बीते 2 साल से रामसिंह बिना सुरक्षा रह रहा था और लगातार पुलिस सुरक्षा की मांग कर रहा था।

घोटाले में हुआ था गिरफ्तार

वर्ष 2011 में रामसिंह ग्राम पंचायत बोराड़ा से सरपंच निर्वाचित हुआ, हालांकि एक-दो माह बाद ही ग्राम पंचायत काशीर में मां पूसी देवी के कार्यकाल में हुए कथित घोटाले के मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद करीब दो साल वह जेल में रहा। रामसिंह की पत्नी सुरज्ञान देवी वर्तमान में जिला परिषद सदस्य थीं।

हत्या से पहले किए कई पोस्ट

हत्या से पूर्व बुधवार रात्रि करीब 12 बजे रामसिंह के नाम से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट पर कई पोस्ट किए गए। इनमें पुलिस सुरक्षा हटाने, राजनीतिक विरोधियों और अपनी सुरक्षा को लेकर टिप्पणियां की गईं। एक पोस्ट में लिखा कि पूर्व में जान-माल के खतरे के चलते पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। सुरक्षा हटाए जाने पर उसने नाराजगी जताई। एक अन्य पोस्ट में उसने दावा किया कि उच्च न्यायालय के माध्यम से जल्द पुनः पुलिस सुरक्षा प्राप्त होगी।

सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

एक अन्य पोस्ट में राजनीतिक विरोधियों को चुनौती देते हुए लिखा कि वह किसी से डरने वाला नहीं है और जेल जाने से भी भयभीत नहीं होता। एक अन्य पोस्ट में लिखा कि उसे सरपंच नहीं बनना, वह केवल सुरक्षा चाहता है, ताकि सामान्य जीवन-यापन कर सके।

पुलिस इन पहलुओं की जांच में जुटी

इन पोस्ट के वायरल होने के बाद अब पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पोस्ट स्वयं रामसिंह ने किए या किसी अन्य व्यक्ति ने उसके अकाउंट से अपलोड किए।

यह वीडियो भी देखें :

मामला और हुआ पेंचीदा

रामसिंह लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति, पंचायत विवादों और आपराधिक मामलों को लेकर चर्चा में रहा। उसकी हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ सोशल मीडिया गतिविधियों को भी खंगाल रही है।