
धू-धू कर जलती कांग्रेस नेता की कार (फोटो-पत्रिका)
अजमेर। जिले के बोराड़ा थाना इलाके में गुरुवार तड़के सामने आई चार लोगों की मौत की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआत में इसे सड़क हादसा समझा गया, लेकिन कुछ ही घंटों में पुलिस जांच ने ऐसा खुलासा किया जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी, उनकी जिला परिषद सदस्य पत्नी, पूर्व सरपंच मां और भांजी की मौत हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्याकांड निकला। पुलिस का दावा है कि चारों की पहले घर में बेरहमी से हत्या की गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए शवों को कार में रखकर आग के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार श्रीरामपुरा गांव के पास गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सड़क किनारे खड़ी एक कार धू-धू कर जलती दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने कार के भीतर चार लोगों को गंभीर रूप से झुलसी हालत में पाया। इनमें कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी, उनकी मां और पूर्व सरपंच पूसी देवी, जिला परिषद सदस्य पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा शामिल थीं। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि एक घायल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
शुरुआत में पुलिस को बताया गया कि रामसिंह अपनी मां को अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान चलती कार में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते वाहन आग का गोला बन गया। हालांकि घटनास्थल की स्थिति और कुछ परिस्थितियों ने पुलिस अधिकारियों को शुरू से ही संदेह में डाल दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल तथा एमओबी टीम को जांच में लगाया। पुलिस जब रामसिंह चौधरी के घर पहुंची तो वहां कई ऐसे तथ्य मिले जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी। घर का फर्श धुला हुआ था, लेकिन गहन पड़ताल में अलग-अलग जगहों पर निशान मिले। वैज्ञानिक टीम ने वहां से नमूने एकत्र किए, जिसके बाद हत्या की आशंका मजबूत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि रामसिंह चौधरी का उनकी पहली पत्नी सुनीता के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पारिवारिक कलह को लेकर घर में अक्सर तनाव रहता था। बताया जा रहा है कि बुधवार रात भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस के अनुसार इसी विवाद के बाद साजिश रची गई और देर रात चारों लोगों पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में उनकी मौत होने के बाद शवों को कार में रखा गया और सड़क किनारे ले जाकर आग लगा दी गई, ताकि घटना हादसे जैसी दिखाई दे।
मामले में पुलिस ने पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान तीनों के बयान उलझते रहे और कुछ देर बाद सुनीता ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीनों को डिटेन कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस को एक और अहम सफलता मिली। घर से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं से धारदार हथियार बरामद किया गया। माना जा रहा है कि इसी हथियार से चारों पर हमला किया गया था। एफएसएल टीम ने हथियार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही किशनगढ़ ग्रामीण डिप्टी आयुष वशिष्ठ, बोराड़ा थानाधिकारी सूर्यभान सिंह और अरांई थानाधिकारी रोशन सामरिया भी मौके पर पहुंचे। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा सामने आया है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं और सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस हर कड़ी को सावधानी से जोड़ रही है।
Updated on:
29 May 2026 10:58 am
Published on:
28 May 2026 05:08 pm
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