कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ने अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
अजमेर.
शोध करने के इच्छुक अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने दो साल से पीएचडी प्रवेश परीक्षा नहीं कराई है। अब कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षा कराना आसान नहीं है।
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को प्रतिवर्ष पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने को कहा है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने भी वर्ष 2010, 2011, 2015 और 2016 में परीक्षा कराई। पहले कोर्स वर्क बनाने में देरी हुई। फिर कोर्स वर्क को लेकर कॉलेज और विश्वविद्याल में ठनी रही। पूर्व कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी के प्रयासों से पीएचडी के जटिल नियमों में बदलाव हुए। इसके बाद 2015 और 2016 और 2018 में परीक्षा कराई गई।
अभ्यर्थियों को इंतजार
लगातार दूसरे साल विश्वविद्यालय शोध प्रवेश परीक्षा नहीं करा पाया है। पीएचडी करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को इसका इंतजार है। शोध विभाग 2018 के अभ्यर्थियों को गाइड आवंटन और कोर्स वर्क करा चुका है। पूर्व में प्रशासन ने मई-जून में वह शोध प्रवेश परीक्षा कराने कराने की योजना बनाई थी। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ने अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
शोध प्रवेश परीक्षा कराई जानी प्रस्तावित है। स्थिति का आकलन कर जल्द कार्यक्रम जारी होगा।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
तैयार हो जाएं अभ्यर्थी, प्राध्यापक संस्कृत परीक्षा 4 अगस्त से
अजमेर.राजस्थान लोक सेवा आयोग ने प्राध्यापक (संस्कृत शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2018 के प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों पर विषयवार 4 से 7 अगस्त तक परीक्षा कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर एक घंटा पहले पहुंचने, मास्क पहनने के अलावा कोविड-19 से जुड़े निर्देशों की पालना करनी जरूरी होगी।
सचिव शुभम चौधरी ने बताया कि 4 अगस्त को सुबह 9 से 10.30 बजे तक सामान्य ज्ञान विषय की परीक्षा होगी। 5 अगस्त को सुबह 9 से 12 बजे तक हिंदी, दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक अंग्रेजी का पेपर होगा। इसी तरह 6 अगस्त को सुबह 9 से 12 बजे तक साहित्य, दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक व्याकरण, 7 अगस्त को सुबह 9 से 12 बजे तक इतिहास और दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक सामान्य व्याकरण विषय की परीक्षा होगी। मालूम हो कि पूर्व में यह परीक्षा 11 से 14 मई तक होनी थी। कोरोना लॉकडाउन के चलते आयोग ने परीक्षा को स्थगित किया था।