बयासी साल के ससुर ने बड़ी बहू की प्रताडऩा से परेशान होकर जान दे दी।
अजमेर. बयासी साल के ससुर ने बड़ी बहू की प्रताडऩा से परेशान होकर जान दे दी। उसने दो दिन पहले अज्ञात वाहन के सामने छलांग लगा दी। जख्मी हाल में जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती वृद्ध ने उपचार के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। दो दिन तक अस्पताल में मौत से संघर्ष के दौरान उसका अपना कोई नहीं था। शुक्रवार को तलाशी में पर्स से मिले वृद्ध का सुसाइट नोट देखकर सबकी आंखें फटी रह गई।
सनसनीखेज मामला आदर्शनगर थाने से जुड़ा है। बिहारीगंज भजनगंज गली नम्बर 4 नारायणी दुर्गा भवन निवासी धर्मेन्द्र झा (82) 6 जून को दोपहर आदर्शनगर आड़ी पुलिया के पास मालवा आयरन के सामने लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। राहगीर विकास जादम ने झा को टेम्पो से जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल पुलिस चौकी ने झा की जेब से मिले आधार कार्ड से परिजन से सम्पर्क करने का प्रयास किया लेकिन दो दिन बाद भी परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा। शुक्रवार सुबह झा ने दम तोड़ दिया।
जेब से मिला सुसाइट नोट
झा की मृत्यु के बाद जब जामातलाशी ली गई तो जेब से पर्स मिला। जिसमें 5 जून का अजमेर आने का रेल टिकट के अलावा 550 और कॉपी के कागज पर लिखा सुसाइट नोट मिला। जिसको खोलते ही पुलिस और अस्पताल प्रशासन के होश उड़ गए। झा ने उसमें अपना नाम, पता लिखते हुए बड़ी बहू(पुत्रवधू) अंजू से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी। उसमें लिखा कि पुत्रवधू अच्छी नहीं है। उसने बेटे को वश में कर रखा है। बहू की प्रताडऩाओं से परेशान होकर वह आत्महत्या करने जा रहा है।
पहले असमंजस, फिर सुलझा विवाद
झा की मृत्यु के बाद अलवर गेट व आदर्शनगर थाने में सीमा को लेकर विवाद गहरा गया लेकिन दुर्घटनास्थल स्पष्ट होने के बाद मामला आदर्शनगर थाने का बनना पाया। पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस अब शनिवार को परिजन के आने के बाद पोस्टमार्टम करवाएगी।
रोडवेज बस की टक्कर!
अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति ने आपातकालीन ईकाई में बनी हेल्प डेस्क पर दुर्घटना रोडवेज की बस से होना बताया है। पुलिस बताए गए रजिस्ट्रेशन नम्बर की बस की भी तलाश में जुटी है।
इनका कहना है...
नरेन्द्र सिंह, थानाप्रभारी आदर्शनगर