मरीज दर्द से कराह रहा था, मगर दूर जाकर एक्सरे कराने के सिवा कोई चारा नहीं। करीब आधा घंटे बाद मरीज का उपचार शुरू हुआ।संभागीय मुख्यालय के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई में इस तरह की समस्या आज नहीं बल्कि पिछले डेढ़ माह से आ रही है।
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीज को आपातकालीन इकाई (कैज्युल्टी) में पहुंचाया गया। चिकित्सक-नर्स ग्रेड प्रथम ने देखते ही चेस्ट में गंभीर चोट बताते हुए पहले एक्सरे की जांच को कहा। कैज्युल्टी में मौजूद एक ही ट्रॉली मेन मरीज को छोड़कर पुन: पहुंचा और व्हील चेयर पर मरीज को एक्सरे के लिए लेकर निकला।
पहले कैज्युल्टी एक्सरे रूम को देखा तो ताला मिला, फिर एक्सरे विभाग के लिए गैलेरी व पोर्च पार कर पहुंचा। मरीज दर्द से कराह रहा था, मगर दूर जाकर एक्सरे कराने के सिवा कोई चारा नहीं। करीब आधा घंटे बाद मरीज का उपचार शुरू हुआ।संभागीय मुख्यालय के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई में इस तरह की समस्या आज नहीं बल्कि पिछले डेढ़ माह से आ रही है।
बुधवार को नागौर जिले के मेड़ता क्षेत्र में दुर्घटना में गंभीर घायल को लेकर पहुंचे परिजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब 3 बजे कैज्युल्टी के बाहर कोई मरीज ट्रॉली पर लेटा तो कोई ट्रॉली के इंतजार में मिला।
कैज्युल्टी के पास बने एक्सरे कक्ष पर ताला लगा हुआ था। कागज चस्पाकर कक्ष संख्या 41 एवं 42 में एक्सरे सुविधा की सूचना लिखकर इतिश्री कर ली गई। चिकित्सकों के अनुसार कैज्युल्टी के पास बने एक्सरे कक्ष की मशीन में तकनीकी खराबी के चलते एक्सरे जांच दूर पीछे बने विभाग से करवानी पड़ रही है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक्सरे मशीन खराब होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।