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चंद महीनों में कई सौ करोड़ का खेल! कई राज्यों में खड़ा किया सट्टेबाजों का बड़ा नेटवर्क, कौन है ‘मलिक’ जिसकी तलाश कर रही पुलिस

IPL Betting news : वाराणसी की कैंट थाना पुलिस और एसओजी टीम ने रविवार की देर रात छापेमारी कर आईपीएल में सट्टा लगाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से 13 लोगो को गिरफ्तार किया है..
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वाराणसी

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Vijendra Mishra

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Updated: 1 Jun 2026, 3:39 PM IST

crime news

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IPL betting network in Varanasi :वाराणसी की कैंट थाना पुलिस और एसओजी टीम ने रविवार की देर रात छापेमारी कर आईपीएल में सट्टा लगाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से 13 लोगो को गिरफ्तार किया है, जो वाराणसी, महाराष्ट्र और राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और क्रिप्टो करेंसी डिजिटल वॉलेट बरामद किया है। पुलिस को जांच में पता चला है कि पकड़े गए लोग मलिक नामक व्यक्ति के लिए काम करते थे, जो महाराष्ट्र का रहने वाला है। वाराणसी पुलिस अब मलिक की तलाश कर रही है।

डेढ़ लाख लोगों का नेटवर्क

मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) अलोक प्रियदर्शी ने बताया है कि पकड़े गए सभी आरोपी आईपीएल के फाइनल मुकाबले में देश के अलग अलग राज्यों में बैठे लोगों से सट्टा लगवाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को इनकी सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने टकटक पुर में एक मकान पर छपा मारकर मौके से इन्हे गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया है कि देशभर की करीब डेढ़ लाख लोग इनसे जुड़े थे और सट्टा लगाने का काम कर रहे थे।

सामने आया हवाला कनेक्शन

अपर पुलिस आयुक्त ने बताया है कि पकड़े गए आरोपी शिक्षित हैं, जिनमें कंप्यूटर इंजीनियर और ग्रेजुएट भी हैं। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से मुख्य आरोपी रितेश दिवाकर शुक्ला वाराणसी का रहने वाला है और हवाला के जरिए पैसे मंगाकर लखनऊ में 75 लाख रुपए की जमीन खरीदी है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी वाराणसी में करीब 10 महीना से रह रहे थे और इस दौरान सट्टा लगवाने का काम किया जाता था। पुलिस की जांच में मलिक नामक एक व्यक्ति का भी नाम सामने आया है, जो पूरे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में आईपीएल में करीब 200 करोड़ रुपए का सट्टा लगाया गया था, जिसका कमिशन करीब पौने दो करोड़ रूपया मिला और आरोपियों में बीच वितरित किया गया। उन्होंने बताया है कि सिर्फ एक महीने में ही डेढ़ लाख लोगों के माध्यम से 20 करोड़ रुपए का सट्टा लगवाया गया और इस दौरान आरोपियों को 6% कमिशन मिला।

सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से करवाते थे विज्ञापन

उन्होंने बताया है कि पकड़े गए आरोपी ऑनलाइन साइट और टेलीग्राम ग्रुप पर लोगों को सट्टा खेलने के लिए प्रलोभन देते थे। यही नहीं कई प्रसिद्ध यूट्यूब और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर का नाम भी सामने आया है, जिनके जरिए फर्जी वीडियो और विज्ञापन बनवाकर लोगों को अपने झांसी में लिया जाता था। पुलिस ने इस मामले में रितेश के साथ रवि यादव, अर्पित तिवारी, अमन सिंह, विकास पटेल, जिया उल हक, सचिन सिंह गौरव चौहान, देवेश चौहान, अनिकेत कुमार, अमित तिवारी, सौरभ चौहान और राहुल मौर्य को गिरफ्तार किया है। वहीं, इतने बड़े साम्राज्य को खड़ा करने वाले मलिक की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस ने बताया है कि सभी आरोपी अलग-अलग जगह से हैं, लेकिन इन सब की मुलाकात मलिक से महाराष्ट्र में ही हुई थी। इसके बाद मलिक ने इनका ब्रेनवाश किया और मोटी कमाई का झांसा देकर इनसे सट्टेबाजी का खेल खिलवाने लगा। महज एक महीने में ही 2 करोड़ की कमाई होता देख सभी आरोपी मलिक की बातों में आ गए और लोगों के माध्यम से सट्टेबाजी का खेल खेला जाने लगा। पुलिस ने बताया है कि मशहूर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और युटयुबर्स द्वारा विज्ञापन करवाए जाने के कारण लोग आसानी से सट्टा खेलने के लिए तैयार हो जाते थे और इसके बाद भोली भाली जनता को गुमराह करने का खेल शुरू हो जाता था।

वाराणसी को बनाया बेस

पुलिस ने बताया है कि सभी लोग कहीं ना कहीं पूर्वांचल से ताल्लुक रखते थे, इसीलिए उन्होंने वाराणसी को इस खेल के लिए उचित जगह माना और यहीं पर 10 महीना से सट्टेबाजी का खेल खेला जा रहा था। पुलिस ने बताया कि केवल आईपीएल ही नहीं किसी भी प्रकार का क्रिकेट मैच या किसी प्रकार के खेल पर सट्टेबाजी कराई जाती थी। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने 17 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और एक क्रिप्टोकरंसी वॉलेट बरामद किया है।

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