
ध्वस्तिकरण के लिए पहुंचा बुलडोजर, Pc-Patrika
Varanasi Dalmandi Project: वाराणसी में बकरीद के बाद एक बार फिर दालमंडी में मकानों के ध्वस्तिकरण का कार्य शुरू हो गया है। इस दौरान कुल 18 मकानों को तोड़ा जाएगा, जिनमें तीन पुराने और 15 नए भवन शामिल हैं। बकरीद की छुट्टी की वजह से इस कार्य को फिलहाल रोक दिया गया था, जिसके बाद शनिवार को इसकी कार्रवाई फिर से शुरू की गई है। इस दौरान एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी शामिल हैं। बता दें कि दालमंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी है।
शनिवार को दालमंडी में एक बार फिर से ध्वस्तिकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस दौरान कई मकानों पर बुलडोजर से कार्रवाई की जा रही है। वहीं, कुछ मकानों पर हथौड़े से करवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि हथौड़े से तोड़े जाने के बाद मकान के बाकी बचे हिस्सों पर बुलडोजर एक्शन किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी विभाग की माने तो अब तक 60 से अधिक मकान तोड़े गए हैं, जबकि वर्तमान समय में 40 मकान पर ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की जा रही है। 630 मीटर की इस सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है, जिसके लिए कुल 187 भावनाओं को ध्वस्त करना है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के के सिंह बताया है कि काफी दिनों से दालमंडी में ध्वस्तिकरण का कार्य रोका गया था, जिसकी एक वजह बकरीद भी थी। त्यौहार और जुम्मे की नमाज की समाप्ति के बाद एक बार फिर से इस कार्रवाई को शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिस दौरान कार्रवाई नहीं की जा रही थी, उस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर अपने-अपने मकान की रजिस्ट्री कर रहे थे। सभी को मुआवजा दिए जाने के बाद शनिवार को 15 नए भवनों को तोड़ा जा रहा है।
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के अपने 51वें दौरे पर इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। बताया जा रहा है कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है और राज्य सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए 216 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 187 भावनाओं को गिराया जाना है, जिनमें 6 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। वहीं, मकान मालिकों को मुआवजा के रूप में 191 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी।
श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दालमंडी के रास्ते को चौड़ा किया जा रहा है। 630 मीटर लंबी इस गली को तोड़कर 60 फुट का किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क होगी, जबकि दोनों तरफ 15-15 फीट के पाथवे बनाए जाएंगे। यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम रास्ते को लेकर इस प्रोजेक्ट की नीव रखी गई है। अधिकारियों ने बताया है कि जैसे-जैसे भवन स्वामी अपने मकान की रजिस्ट्री कर रहे हैं, वैसे ही उन भावनों को तोड़ा जा रहा है।
Updated on:
30 May 2026 02:52 pm
Published on:
30 May 2026 02:52 pm
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