
सांकेतिक फोटो
IPL betting in Varanasi : वाराणसी में आईपीएल मैच पर सट्टा लगाने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। कैंट थाना क्षेत्र में चल रहे हाई प्रोफाइल इंटरनेशनल सट्टेबाजी के खेल पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने मुंबई के 9 सटोरियों समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एसओजी और कैंट थाने की टीम ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। वहीं, जांच के दौरान करोड़ों रुपयों के सट्टेबाजी की बात है सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, एसओजी और कैंट थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए टकटकपुर इलाके में एक कॉलोनी से आईपीएल में सट्टा लगाने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पकड़े गए लोगों में से 9 सट्टेबाज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के रहने वाले हैं, जबकि दो लोग स्थानीय निवासी हैं। पुलिस ने बताया है कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आईपीएल के फाइनल मैच के दौरान आरोपियों ने 25 करोड़ रुपए का ऑनलाइन सट्टा लगवाया था।
पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए आरोपी शातिर किस्म के सट्टेबाज हैं और बड़े शहरों में पुलिस की निगरानी कड़ी होने के कारण इन्होंने वाराणसी में अपना ठिकाना बनाया था। बताया जा रहा है कि जिस जगह आरोपी सट्टेबाजी का खेल- खेल रहे थे वह जगह सुनसान थी और इसे ही आरोपियों ने अपना सेफ हाउस बना लिया था। टकटकपुर की रिहायाशी कॉलोनी में किराए पर कमरा लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी का खेल चल रहा था। पुलिस ने बताया है कि देश के विभिन्न इलाकों में इन सटोरियों का नेटवर्क था और आईपीएल के सभी मैच पर दाव लगाए जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि जब पुलिस की टीम सट्टेबाजी के अड्डे पर छापा मारने पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी आश्चर्यचकित रह गए। दर्जनों मोबाइल और लैपटॉप चालू हाल में मिले, जबकि उन पर सट्टे का भाव चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने लैपटॉप, करीब एक दर्जन मोबाइल फोन, टैब और सट्टेबाजी का हिसाब रखने वाले डिजिटल रजिस्टर बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया है कि सट्टेबाजों ने कई नाम से फर्जी बैंक अकाउंट भी खोले हैं, जिनके पासबुक और एटीएम कार्ड को जब्त किया गया है। जांच में सामने आया है कि इन बैंक अकाउंट से करोड़ों के ट्रांजैक्शन किया जा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया है कि सट्टेबाजी का यह खेल डिजिटल तरीके से किया जाता था, जिसमे पकड़े जाने का खतरा काफी कम होता है। इसके लिए टेलीग्राम और व्हाट्सएप का सहारा लिया जा रहा था। इन पर आरोपियों ने कई ग्रुप बना रखे थे और देश के अलग-अलग राज्यों के सटोरियों से जुड़े हुए थे। फिलहाल, आरोपियों के मोबाइल से डाटा और बैंक खातों की डिटेल पुलिस खंगालने में जुटी हुई है। वहीं, पुलिस ने बताया है कि इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना की भी तलाश की जा रही है। पुलिस ने जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Updated on:
1 Jun 2026, 10:26 AM IST
Published on:
1 Jun 2026, 10:25 AM IST
बड़ी खबरें
View Allवाराणसी
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.