अजमेर

पुलिस ने टटोली जब इनकी नब्ज, तो सामने आई एम्बुलेंस चालकों की यह हरकत

मरीजों को अस्पताल और अस्पताल से घर पहुंचाने वाली प्राइवेट एम्बुलेंस की शहर यातायात पुलिस ने नब्ज टटोली।
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May 04, 2018
police took action against private ambulance drivers in city

अजमेर . मरीजों को अस्पताल और अस्पताल से घर पहुंचाने वाली प्राइवेट एम्बुलेंस की शहर यातायात पुलिस ने नब्ज टटोली। पहले ही दिन करीब एक दर्जन से अधिक एम्बुलेंस में से तीन का फिटनेस नहीं मिला तो एक एम्बुलेंस का चालक नशे में धुत मिला। तीनों एम्बुलेंस का चालान बनाया गया तो चालक के खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने में मोटर व्हीकल एक्ट में प्रकरण दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने गुरुवार को जिलेभर में दौडऩे वाली प्राइवेट एम्बुलेंस वाहनों के दस्तावेज और चालकों की जांच के आदेश दिए। पुलिस उप अधीक्षक यातायात प्रीति चौधरी के नेतृत्व में शुरू हुए अभियान के पहले दिन शहर में हड़कम्प मच गया।

जवाहरलाल नेहरू अस्पताल रेडक्रॉस सोसायटी के सामने खड़ी 3 एम्बुलेंस फिटनेस मानकों पर खरी नहीं उतरी। इनमें परिवहन विभाग की ओर से फिटनेस सर्टिफिकेट भी नदारद था। यातायात उप अधीक्षक ने तीनों एम्बुलेंस को सीज की कार्रवाई की। एम्बुलेंस चालकों को बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के नहीं चलाने की हिदायत दी।

...मच गया हड़कम्प
यातायात पुलिस की टीम ने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के सामने करीब 20 वाहनों की जांच की। यातायात पुलिस की जांच कार्रवाई चलते ही अस्पताल के आस-पास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आजाद पार्क व आस-पास की एम्बुलेंस चालक रफूचक्कर हो गए।

.एम्बुलेंस चालकों को तय मानकों के अनुरूप एम्बुलेंस को रखना होगा। एम्बुलेंस बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में अहम रोल अदा करती है। ऐसे में एम्बुलेंस का ठीक होना जरूरी है। छोटी सी लापरवाही कभी भी किसी मरीज को महंगी पड़ सकती है। उसी तरह एम्बुलेंस चालक नशे में धुत पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।प्रीति चौधरी, पुलिस उप अधीक्षक, यातायात

Published on:
04 May 2018 01:14 pm