
जातिगत-सामाजिक समीकरण से लेकर व्यवहार तक की जानकारी जुटा रहे दल, पिछले चुनाव का प्रदर्शन भी बना पैमाना
गंगापुरसिटी. नगर निकाय चुनाव को लेकर टिकट की दौड़ में शामिल दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों ने भी उम्मीदवारों की ‘कुण्डली’ खंगालना शुरू कर दिया है। टिकट मांगने पहुंच रहे दावेदारों से पार्टी पदाधिकारी अब केवल उनकी दावेदारी या राजनीतिक अनुभव ही नहीं पूछ रहे, बल्कि उनके अपने वार्ड के जातिगत, सामाजिक और राजनीतिक समीकरण की जानकारी भी ली जा रही है। उम्मीदवार से ही वार्ड में अपनी स्थिति, समर्थकों और संभावित वोटों का हिसाब पूछा जा रहा है।
दावेदारों से यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वार्ड में किस समाज का कितना प्रभाव है और कौन-कौन से परिवार या समूह चुनाव का रुख बदलने की स्थिति में हैं। इसके अलावा उम्मीदवार का आमजन के बीच व्यवहार, सामाजिक सक्रियता और लोगों से जुड़ाव भी टिकट के लिए महत्वपूर्ण पैमाना माना जा रहा है। पार्टी स्तर पर यह आकलन किया जा रहा है कि उम्मीदवार केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित है या आम मतदाताओं के बीच भी उसकी स्वीकार्यता है।
पिछले चुनाव का हिसाब भी सामने
जो दावेदार पिछले नगर निकाय चुनाव में भी मैदान में उतर चुके हैं, उनसे पिछली बार मिले वोटों के साथ ही उनके कार्यकाल और प्रभाव का भी हिसाब लिया जा रहा है। यदि पूर्व पार्षद या उम्मीदवार रहे हैं तो उनसे पूछा जा रहा है कि वार्ड में उन्होंने कौन-कौन से विकास कार्य कराए और उनका मतदाताओं पर कितना असर पड़ा। साथ ही पिछले चुनाव में हार-जीत के कारणों और इस बार स्थिति में आए बदलाव की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
आरक्षण ने बदला तो बतानी पड़ रही नई गणित
वार्डों में आरक्षण बदलने के कारण कई दावेदारों को अपना चुनावी ठिकाना बदलना पड़ा है। ऐसे उम्मीदवारों से पार्टी नेतृत्व खास तौर पर पूछताछ कर रहा है कि वे दूसरे वार्ड में क्यों जाना चाहते हैं और वहां उनकी राजनीतिक जमीन कितनी मजबूत है। नए वार्ड में उनके रिश्तेदारों, समर्थकों, सामाजिक संपर्क और संभावित वोटों की संख्या का भी आकलन किया जा रहा है।
दावेदारी के साथ जीत की गारंटी तलाश रहे दल
टिकट को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच राजनीतिक दल अब ऐसे उम्मीदवार की तलाश में हैं, जिसकी दावेदारी के साथ जीत की संभावना भी मजबूत हो। यही कारण है कि दावेदारों से वार्ड की ‘कुण्डली’ पूछकर पार्टी संगठन अपने स्तर पर भी समीकरणों का मिलान कर रहा है। आने वाले दिनों में टिकट वितरण से पहले इन सभी पहलुओं की पड़ताल और तेज होने की संभावना है।