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साथ जिए, साथ ही दुनिया छोड़ गए: अजमेर में पति की मौत के कुछ देर बाद पत्नी ने भी तोड़ा दम, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार

जीवनभर सुख-दुख में एक दूसरे का साथ निभाने वाले खटाणा का बाड़िया गांव के बुजुर्ग दंपती ने अंतिम सफर में भी साथ नहीं छोड़ा। सोमवार को 80 वर्षीय तेजू गुर्जर की मृत्यु के कुछ ही देर बाद उनकी 77 वर्षीया पत्नी गणेशी देवी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।
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अजमेर

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Arvind Rao

Aug 25, 2026

husband dies wife follows hours later in ajmer

एक ही चिता पर दंपती को अंतिम विदाई देते ग्रामीण (पत्रिका फोटो)

मसूदा (ब्यावर): मसूदा उपखंड के ग्राम खटाणा का बाड़िया से प्रेम, समर्पण और अटूट रिश्ते की एक ऐसी भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। जीवनभर सुख-दुख में एक दूसरे का साथ निभाने वाले बुजुर्ग दंपती ने इस दुनिया को अलविदा भी एक साथ ही कहा। सोमवार की सुबह पति की मृत्यु के कुछ ही देर बाद पत्नी की सांसें भी थम गईं।

पांच दशक से अधिक का साथ

ग्राम खटाणा का बाड़िया निवासी 80 वर्षीय तेजू गुर्जर और उनकी 77 वर्षीया पत्नी गणेशी देवी का साथ करीब पचास साल (पांच दशक से अधिक) का रहा। इतने लंबे समय तक जीवन के हर मोड़ पर साथ चलने वाले इस दंपती की सिर्फ एक पुत्री भगवानी ही है, जिसकी शादी हो चुकी है और वह अपने ससुराल में रहती है।

सदमे में थमीं पत्नी की सांसें

ग्रामीणों के अनुसार, तेजू गुर्जर और गणेशी देवी पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और घर पर ही आराम कर रहे थे। सोमवार सुबह तेजू गुर्जर का निधन हो गया। परिजन और ग्रामीण अभी इस गहरे सदमे और दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि पति के जाने के कुछ ही देर बाद गणेशी देवी ने भी दम तोड़ दिया। एक ही दिन में जीवनसाथी के चले जाने के वियोग को गणेशी देवी शायद बर्दाश्त नहीं कर सकीं। माता-पिता की अचानक मौत की खबर सुनकर पहुंची बेटी भगवानी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

पति-पत्नी के एक साथ दुनिया छोड़ने की खबर जैसे ही गांव में फैली, चारों ओर शोक की लहर दौड़ गई और घर पर ग्रामीणों का हुजूम जुट गया। इसके बाद दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। जब एक साथ दोनों की अर्थी उठी, तो वहां मौजूद परिजन और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।

जीवन के लंबे सफर में हमेशा साथ रहने वाले इस दंपती का अंतिम संस्कार भी एक ही चिता पर किया गया। नम आंखों से पूरे गांव ने उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान गांव के हर व्यक्ति की जुबां पर केवल इस दंपती के अटूट प्रेम और जीवनभर के साथ की ही चर्चाएं चलती रहीं।