24 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गर्भवती पत्नी करती रह गई पति का इंतजार… पुष्कर से कांवड़ लेकर लौट रहे 2 लोगों की मौत, एक पूर्व चेयरमैन का बेटा

अजमेर के झड़वासा में नेशनल हाईवे-48 पर सोमवार सुबह ट्रक ने सड़क किनारे खड़े तीन कांवड़ियों को कुचल दिया। हादसे में राहुल जैन और संपत्त रावत की मौत हो गई, जबकि सचिन रावत गंभीर घायल है। तीनों पुष्कर से कांवड़ लेकर घर लौट रहे थे।
2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Arvind Rao

Aug 24, 2026

ajmer pushkar 2 kanwariyas die

मृतक संपत्त रावत और राहुल जैन (पत्रिका फोटो)

नसीराबाद (अजमेर): श्रावण की पवित्र वेला में पुष्करराज से भोलेनाथ का जल लेकर लौट रहे शिवभक्तों के चेहरे पर अपार श्रद्धा और घर पहुंचने की खुशी थी। लेकिन कौन जानता था कि नेशनल हाईवे-48 पर मौत काल बनकर उनका इंतजार कर रही थी। सोमवार सुबह करीब छह बजे नसीराबाद के झड़वासा गांव के पास हुई एक दर्दनाक हादसे ने दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां पल भर में उजाड़ दी।

बता दें कि भवानीपुरा निवासी किशनलाल रावत, टांटोटी निवासी राहुल जैन (38), संपत्त रावत (42) और सचिन रावत अलग-अलग बाइकों पर डाक कांवड़ के साथ अपने गांव लौट रहे थे। सुबह का शांत माहौल था और मंजिल महज कुछ ही दूरी पर थी।

लघु शंका के लिए तीनों युवक अपनी बाइक सर्विस लाइन में खड़ी कर सड़क किनारे रुके। इसी दौरान नसीराबाद की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रेलर चालक ने लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए सर्विस लाइन में खड़े तीनों कांवड़ियों को रौंद दिया।

राहुल और संपत्त की मौके पर ही मौत

टक्कर इतनी भीषण थी कि चीख-पुकार के बीच राहुल और संपत्त ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया। पीछे चल रहे साथी किशनलाल की आंखों के सामने उसके भाई और दोस्त खून से लथपथ पड़े थे। राहगीरों की मदद से उन्हें नसीराबाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने राहुल और संपत्त को मृत घोषित कर दिया और सचिन को अजमेर के JLN अस्पताल रेफर कर दिया।

ऐसी है राहुल और संपत्त की कहानी

मृतक राहुल जैन टांटोटी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश जैन के बेटे थे। वे गांव में डेयरी चलाते थे। घर में उनकी तीन साल की मासूम बेटी अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रही थी और पत्नी कविता के सिर पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है, वह इस वक्त गर्भवती हैं।

जिस घर में नए मेहमान के आने की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब सन्नाटा और अपनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं 42 वर्षीय संपत्त रावत, जो पेशे से वेल्डर थे, अपने परिवार का मुख्य सहारा थे। उनकी असामयिक मौत ने पूरे भवानीपुरा गांव को शोक में डुबो दिया है।

परिजनों की मौजूदगी में हुआ पोस्टमॉर्टम

नसीराबाद सदर थाना पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम करवाकर शव सौंप दिए हैं और आरोपी ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन कानून की कोई भी कार्रवाई उन आंसुओं को नहीं सुखा सकती, जो एक बेकाबू रफ्तार ने इन परिवारों की आंखों में हमेशा के लिए छोड़ दिए हैं।

बड़ी खबरें

View All

अजमेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग