अजमेर

राजगढ़ थानाधिकारी आत्महत्या मामला : सीबीआई टीम ने दिनभर खंगाली फाइलें, निगरानी के लिए लगाए कैमरे

राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण को लेकर काफी गर्माई थी राजनीति, लोगों के दबाव के चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीआई से जांच के लिए हुए थे राजी, चूरू पुलिस ने मीडिया के प्रवेश पर लगाई रोक
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Updated: 30 Jun 2020, 10:51 PM IST
राजगढ़ थानाधिकारी आत्महत्या मामला : सीबीआई टीम ने दिनभर खंगाली फाइलें, निगरानी के लिए लगाए कैमरे
राजगढ़ के थानाधिकारी रहे विष्णुदत्त विश्नोई (फाइल फोटो)

अजमेर/चूरू. आखिर सीबीआई की टीम चूरू पहुंच ही गई। इससे पहले जांच की मांग को लेकर कई दिनों तक राजनीति काफी गमाई थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य पुलिस की स्पेशल टीम से ही जांच कराना चाहते थे, लेकिन विश्नोई समाज व सोशल मीडिया के दबाव के चलते आखिर सीएम गहलोत मामले की जांच सीबीआई से कराने को सहमत हुए।

बहुचर्चित राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या प्रकरण पुलिस कार्मिकों व अफसरों के मानसिक तनाव व कामकाज की अधिकता से जुड़ा माना जा रहा है। सीबीआई टीम जांच में यह पता लगाएगी कि आखिर मृतक एसएचओ पर ऐसा कौनसा दबाव था। वह मानसिक तनाव में क्यों थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो गए।

केस हिस्ट्री को खंगाला

मंगलवार 30 जून को चूरू पहुंची सीबीआई की ओर से केस हिस्ट्री को खंगाला गया। अधिकारियों की ओर से एक कमरे में सीबी सीआईडी की ओर से की गई जांच की फाइलें देखी और उसका शाम तक अध्ययन किया। केस से जुड़े पहलुओं पर दिनभर चर्चा की। सर्किट हाउस में सीबीआई टीम ने आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए कार्यालय के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। टीम के 1 या 2 जुलाई तक सादुलपुर जांच के लिए जाने की बात कही जा रही है।

पुलिस बरत रही सख्ती

थानाधिकारी आत्महत्या मामले में चूरू पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जिला पुलिस ने मीडिया को सीबीआई टीम से नहीं मिलने दिया। एक थानाधिकारी, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल को गेट पर तैनात किया गया है। सर्किट हाउस में जिला पुलिस के रवैए से आने-जाने वालों में खौफ का माहौल है। इससे सर्किट हाउस में आमजन के प्रवेश के लिए बनाए कायदों पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।

लाखों रुपए का सामान लगाकर सजाया

उल्लेखनीय है कि थानाधिकारी की मौत के बाद राजगढ़ थाने में कार्यरत पुलिसकर्मियों की ओर से सामूहिक इस्तीफे की पेशकश की गई थी। इसके पीछे उन्होंने दबाव से परेशान होने की बात लिखी थी। इधर, स्थानीय पुलिस की ओर से टीम के वीआईपी सुइट में नए कम्प्यूटर, प्रिंटर, आलीशान सोफ ा व पर्दे सहित लाखों रुपए का सामान लगाकर सजाया गया है। सुख-सुविधाएं किस फंड के तहत उपलब्ध कराई है। यह भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

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30 Jun 2020, 10:51 PM IST
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