आयोग के सात सदस्यीय बनने के बाद यह पहला अवसर है जबकि आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों का कोरम पूरा हुआ है।
अजमेर.
राजस्थान लोक सेवा आयोग को नए अध्यक्ष के साथ चार सदस्य भी मिल गए हैं। सदस्यों की नियुक्ति में कांग्रेस सरकार ने सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले का पूरा ध्यान रखा है। आयोग के सात सदस्यीय बनने के बाद यह पहला अवसर है जबकि आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों का कोरम पूरा हुआ है।
1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन किया गया था। यहां 2011-12 तक अध्यक्ष सहित पांच सदस्य होते थे। कांग्रेस सरकार ने 2013 में दो सदस्यों का इजाफा करते हुए इसे सात सदस्यीय बनाया। आयोग में करीब सवा साल से चार सदस्यों के पद रिक्त थे। सरकार ने बुधवार को अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र यादव सहित चार सदस्यों की नियुक्ति की। तैनाती में हमेशा की तरह सरकार ने सोशल इंजीनियरिंग फार्मूला का पूरा ध्यान रखा है। इसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिला है।
यह है सदस्यों की तैनाती का गणित
डॉ. संगीता आर्य (आईएएस निरंजन आर्य की पत्नी)
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य की पत्नी डॉ. संगीता आर्य राजकीय कॉलेज में संगीत की व्याख्याता रही हैं। वे साल 2013 में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर सोजत विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी हैं। इसमें भाजपा प्रत्याशी संजना आंगरी से पराजित हुई। उन्हें अनुसूचित जाति वर्ग को ध्यान में रखते हुए सदस्य बनाया गया है। आयोग के पूर्व सदस्य डॉ.के.एल.बैरवा (2008 से 2014) में सेवानिवृत्ति के बाद अब अनुसूचित जाति वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला है।
डॉ. मंजू शर्मा (लेखक-कवि कुमार विश्वास की पत्नी )
भरतपुर के राजकीय श्री रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में हिंदी की व्याख्याता रही डॉ. मंजू शर्मा लेखक और कवि डॉ. कुमार विश्वास की पत्नी हैं। उनके पैतृक निवास अजमेर के भोपों का बाड़ा में है। वे मूलत: ओबीसी कोटे (माली) से हैं। विवाह से पहले वे मंजू टाक लिखती थीं। कुमार विश्वास से विवाह के बाद उनका सरनेम बदला। ओबीसी कोटे से आयोग में पहले डॉ. आर.डी.सैनी (2013-19) सदस्य थे। डॉ. सैनी की सेवानिवृत्ति के दो साल बाद इस वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला है।
बाबूलाल कटारा (सरकारी अधिकारी)
बाबूलाल कटारा मौजूदा वक्त डूंगरपुर में क्षेत्रीय जनजातीय विकास विभाग के उपनिदेशक हैं। वे अनुसूचित जनजाति (एसटी वर्ग) का प्रतिनिधित्व करते हैं। हाल में डूंगरपुर-बांसवाड़ा में सामान्य वर्ग के 1167 रिक्त पदों पर एसटी वर्ग के शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर हुई हिंसात्मक आंदोलन हुआ था। इसको लेकर सरकार गंभीर थी। अनुसूचित जनजाति वर्ग को ध्यान में रखकर कटारा को सदस्य बनाया गया है। उनसे पहले डॉ. एस.एल. मीना (2013 से 19) इस वर्ग से सदस्य रहे थे।
जसवंत राठी (पत्रकार)
जसवंत राठी की नियुक्ति भी सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले से हुई है। राठी की लिखित पुस्तक मेरा युद्ध कैंसर का सीएम गहलोत ने हाल में विमोचन किया था। वे सियासी गलियारे के नजदीक रहे हैं। आयोग में लम्बे अर्से बाद पत्रकार वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला है। उन्हें सामान्य कोटे से सदस्य बनाया गया है।
सभी सदस्यों ने संभाला पदभार.....
नियमानुसार आयोग में नवनियुक्त नियुक्त सदस्यों में सबसे पहले ज्वाइनिंग करने वाले को तवज्जो मिलती रही है। वह सबसे वरिष्ठतम भी होता है। इस लिहाज से डॉ. संगीता आर्य ने बुधवार को सबसे पहले पदभार संभाला। उनके बाद जसवंत राठी ने शाम 6 बजे पदभार संभाल लिया। गुरुवार को बाबूलाल कटारा और डॉ. मंजू शर्मा ने पदभार संभाल लिया।