मनरेगा के तहत कार्यों को मिली मजंूरी, तालाब की खुदाई, पाळ, मोरी व चादर की होगी मरम्मत,पानी बहाव के बाधित रास्ते होंगे खुलासे, अभी तक डेढ़ लाख रुपए हुए खर्च
अजमेर/सावर. तालाब -बांध का पानी गांवों का जीवन आधार है। यदि सरोवर लबालब रहें तो भूजलस्तर बढ़ेगा। साथ में आसपास के पांच से दस किमी तक हरियाली रहती है। यदि तालाब की समय-समय पर मरम्मत होती रहे।
बारिश के पानी बहाव के रास्ते की बाधाएं दूर की जाए तो हर तालाब निखर जाएगा। सावर के बस स्टैण्ड स्थित गणगौरी चौक के पास मुख्य ऐतिहासिक तालाब लाखों की लागत से जल्द मॉडल तालाब का रूप लेगा। इसके लिए सरकार ने प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दो वर्ष पूर्व ही जारी कर दी थी, लेकिन कार्य व्यवस्थित रूप से शुरू नहीं हो पाया।
जुलाई के प्रथम पखवाड़े में होगा शुरू
अब मॉडल तालाब निर्माण का कार्य जुलाई के प्रथम पखवाड़े में शुरू होने की उम्मीद जगी है। मुख्य तालाब के सौन्दर्यीकरण व मॉडल तालाब बनाने के लिए ग्राम पंचायत प्रशासन ने दो वर्ष पूर्व कार्रवाई शुरू की थी।
मॉडल तालाब बनाने के लिए पंचायत प्रशासन ने तालाब का मौका मुआयना कर मनरेगा योजना के तहत निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर सन् 2018-19 में स्वीकृति के लिए पंचायतराज विभाग को भेजा था।
निर्माण के लिए 35 लाख का बजट
विभाग ने इस तालाब को मॉडल तालाब बनाने के लिए करीबन 35 लाख का बजट स्वीकृत किया। उसके बाद ग्राम पंचायत प्रशासन ने मॉडल तालाब का कार्य शुरू किया। 1.47 लाख रुपए कच्चे कार्य के लिए व्यय किए गए।
उसके बाद वापस कार्य बन्द हो गया। अब ग्राम पंचायत प्रशासन व विभाग के अधिकारी वापस मॉडल तालाब का कार्य शुरू करने के लिए प्रयासरत हैं। उम्मीद है कि मॉडल तालाब का निर्माण कार्य जुलाई के प्रथम पखवाड़े में शुरू हो जाएगा।
मंजूर बजट में से ऐसे होंगे कार्य
स्वीकृत कुल बजट में से 12.57 लाख कच्चे कार्य के लिए व 22.53 लाख रुपए मेटेरियल पर खर्च होंगे। मॉडल तालाब का निर्माण शुरू होने पर तालाब में नए स्नान घाटों का निर्माण, पेशवॉल का निर्माण, पौधे लगाने का कार्य, तालाब की खुदाई कर गहरा किया जाने के साथ सौन्दर्यीकरण सहित कई कार्य होंगे।
पूरे तालाब की सफाई होगी। पूर्व में भी पानी की आवक के लिए बन्द पड़ी आवों को खुलासे का प्रयास किया गया, जिससे अच्छी बरसात होने पर तालाब में पानी की आवक होती है। आवों को खुलासे करने के लिए पंचायत प्रशासन और कुछ भामाशाह का योगदान रहा तथा पंचायत प्रशासन ने तालाब में हो रहे अतिक्रमण को भी हटाने की कार्रवाई की।
पंचायत समिति केकड़ी के बीडीओ कुश्लेश्वरसिंह के अनुसार सावर के ऐतिहासिक तालाब को मॉडल तालाब बनाने की कवायद शुरू की जा रही है। इसके लिए सरकार की ओर से मनरेगा योजना के तहत बजट स्वीकृत किया जा चुका है। अब जल्द सावर का मुख्य तालाब मॉडल तालाब बनेगा। इसके लिए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।