अभियंता आनासागर का अस्तिव मिटाने पर उतारू हाईकोर्ट,झील संरक्षण मिशन ,नो कंस्ट्रक्शन जोन,एफटीएल सब दरकिनार आनासागर के आसपाास की कॉलोनियों में जलभराव का खतरा कॉलोनी के लोगों में विरोध शुरु
अजमेर. अपनी मनमर्जी करने पर उतारू अजमेर स्मार्ट सिटी के कर्ताधर्ता अभियंताओं की मनमानी ऐसे ही चलती रही तो एतिहासिक आनासागर का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। आनासागर न तो कभी पानी से फुल भरेगा और न ही इसकी लहरें किनारे को छू पाएंगी। नगर निगम ने आनासागर का फुल वाटर लेवल (एफटीएल) तय करते हुए तीन साल पहले झील के किनारे मुटाम लगाए थे। इसका अर्थ यह है कि झील में जब पानी फुल का भराव होगा है तो झील का पानी मुटाम तक या किनारे तक पहुंचेगा। अब स्मार्ट सिटी के अभियंता एफटीएल के मुटाम से 200 मीटर अंदर तक आनासागर के पानी में मिट्टी व मलवा भरकर पाथ-वे के नाम पर दीवार बना रहे है। इसके बनने के बाद पानी कभी भी मुटाम तक नहीं पहुंचे सकेगा और आनासागर की किनारे के करीब 200 मीटर क्षेत्र की भूमि सूखी ही रहेगी। आनासागर सेंटर से 13 फुट पर आनासागर का एफटीएल तय किया गया है। आनासागर यह इताना भरता है तो 247.64 मिलियन क्यूबिक फिट (एमसीएफटी)पानी एकत्रित होगा। जानकारों की मानों तो पहले झील 247.64 एनसीएफटी थी। अब यह वर्तमान में 170 एनसीएफटी ही रह गई है। अब अभियंता इसे भी खत्म करने पर उतारू हैं।
200 मीटर तक झील की परिधी घटाई
स्मार्ट सिटी के अभियंता आनासागर को 150-200 मीटर की परिधि में छोटा किया जा रहा है। इससे झील का कैचमेंट एरिया कम हो जाएगा और भराव क्षमता भी कम होगी। इससे आनासागर के गेट-गेट बार बार खोलने पड़ेगें। इससे निचली बस्तियों में पानी भरेगा और आसपास के गावों की खेती को नष्ट करेगा। आनासागर की इस खाली जमीन का अतिक्रमी और भू-माफिया जमकर फायदा उठा रहें है। आनासागर के आसपास की कॉलोनियों में नई चौपाटी के कारण उत्पन्न होने वाली जलभराव की समस्या के चलते लोगों ने विरोध शुरु कर दिया है।
दूसरों को पढ़ा रहे पाठ, खुद कर रहे नियमों को दरकिनार
स्मार्टसिटी के अभियंताओं ने नगर निगम द्वारा आनासागर के लिए तय किए एफटीएल को दरकिनार कर आनासागर के बीच में ही पाथ वे निर्माण की डीपीआर तैयार कर खुद ही मंजूर भी कर ली। अब इसी के अधार पर मनमाना कंस्ट्रशन किया जा रहा है। यही अभियंता झील संरक्षण की बैठकों में झील संरक्षण का पाठ पढ़ाते रहे वहीं रातो दिन अधिसूचना की धज्जियां उड़ाकर आनासागर झील को मिट्टी भर कर पाटने में जुटे हैं।
इसलिए बनाना पड़ा था नो कंस्ट्रक्शन जोन
राजस्थान उच्च न्यायालय ने रिट याचिका संख्या- 11153/ 2011 सुओमोटो बनाम राज्य सरकार में पारित निर्णय अनुपालना में नगरीय क्षेत्रों में आने वाले जलाशयों को संरक्षित रखने के लिए जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्र (जल बहाव क्षेत्र) का सीमांकन करवा कर विशेष साधारण सभा की बैठक 29 अप्रेल 2013 में लिए गए निर्णय एवं सीईओ की टिप्पणी के बाद इसके राज्य सरकार को भेजा गया। आनासागर झील एवं पालबीसला झील को संरक्षित रखने के प्रयोजनार्थ जनहित में राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के अन्तर्गत सीईओ ने नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित करते हुए सीमांए निर्धारित कर दीं।
यह है आना सागर झील के नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा
आनासागर के नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा बजरंगगढ़ से शुरु होकर उत्तर दिशा में सड़क के साथ-साथ चलते हुए सर्किट हाउस एनसीसी ऑफिस को छोड़ते हुए एवं चौपाटी को शामिल करते हुए शांतिपुरा नाले की पुलिया तक। यहां से आगे एसीआर रोड पर चलते हुए बाईं ओर एमडब्ल्यूएल लाइन तक जीमॉल ,अशोक विहार कॉलोनी ,मानसिंह होटल आदि निर्मित भवनों एवं न्यास/ निगम द्वारा नियमानुसार नियमन की पुलिया गई भूमि/ भूखंड तथा राजस्व विभाग द्वारा घोषित निजी संपत्ति को छोड़ते हुए आंतेड़ नाले की पुलिया को क्रॉस करते हुए पत्रिका के भवन। एसीआर रोड से दक्षिण पश्चिम दिशा में पत्रिका भवन स्थित एवं अर्बन हाट बाजार के मध्य स्थित सड़क पर चलते हुए आना सागरपाल तक आनासागर पाल के साथ -साथ चलते हुए दाहिनी तरफ के (हाउसिंग बोर्ड,नगर सुधार न्यास एवं निगम से अनुमोदित कॉलोनी में) निर्मित भवनों को छोड़ते हुए एसीआर रोड पर एचकेएचके स्कूल के सामने चौरसियावास की पुलिया तक। चौरसियावास नाले की पुलिया से एसीआर रोड पर दक्षिण पश्चिम की ओर चलते हुए सड़क के बाई ओर के संपूर्ण क्षेत्र को शामिल करते हुए रीजनल कॉलेज तिराहे तक। रीजनल कॉलेज तिराहे से पुष्कर रोड पर दक्षिण पूर्व दिशा में चलते हुए बाई ओर का संपूर्ण क्षेत्र (विश्राम स्थली,खंडेलवाल मार्बल,संजीवनी अस्पताल,महेंद्र मार्बल ,रवि भंडारी के मकान,मनोहर स्लेट) आदि को शामिल करते हुए एवं एसटीपी क्षेत्र को छोड़ते हुए बांडी नदी के नाले को क्रॉस करते हुए आश्रम के तिराहे तक। अद्वैत आश्रम से पुष्कर रोड पर दक्षिण पूर्व की दिशा में चलते हुए बाई तरफ के संपूर्ण क्षेत्र का शामिल करते हुए (महावीर कॉलोनी,अरिहंत कॉलोनी,नवग्रह कॉलोनी आदि) लव कुश उद्यान तक। यहां से उत्तर दिशा में लव-कुश राम प्रसाद घाट शामिल करते हुए उत्तर दिशा में सड़क के साथ चलते हुए सुभाष उद्यान के सामने सड़क तक यहां से उत्तर दिशा में सड़क के साथ-साथ चलते हुए सुभाष उद्यान को शामिल करते हुए बजरंगढ़ सर्किल तक के जोन को नो कंस्ट्रक्शन जोन शामिल किया गया है। इस क्षेत्र में निर्माण नहीं किया जा सकता।
read more: स्मार्ट सिटी: सरकारी नुमाइंदे ही दे रहे आनासागर को 'जल समाधिÓ