अजमेर

कर्ज चुकाने को बुआ ने भिक्षावृत्ति में झोंका मासूम

Human Story-दरगाह क्षेत्र में भिक्षावृत्ति करते तीन बच्चे पकड़े, 'उमंग' में सात की मुक्ति, जिला बाल कल्याण समिति ने पुनर्वास केंद्र भेजा

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May 14, 2023
कर्ज चुकाने को बुआ ने भिक्षावृत्ति में झोंका मासूम

-मनीष कु्मार सिंह

अजमेर. मैडम.. कर्जा चुकाने के लिए भीख मांगता हूं... पिता को ताने मारे जाते हैं जो मुझे अच्छे नहीं लगते. . .। आंखों से निकलते आंसुओं के साथ दस साल के मासूम के इस जवाब ने सबको स्तब्ध कर दिया। पड़ताल में पता चला कि उसके पिता के कर्ज को चुकाने के लिए बालक की बुआ ही उससे भिक्षावृत्ति करवाती है। मासूम दरगाह आने वाले जायरीन से भीख में मिलने वाला एक-एक सिक्का बटोरकर अपनी फुफी (बुआ) के हवाले कर देता है। जिससे उसके पिता का कर्ज चुकाया जा सके।

दरगाह क्षेत्र में की कार्रवाई

मानव तस्करी विरोधी युनिट व चाइल्ड लाइन संस्था ने दरगाह क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए भिक्षावृति करते 3 बच्चों को रेस्क्यू किया। इसमें दो बालक-एक बालिका शामिल हैं। उन्हें जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया।

स्तब्ध रह गए सदस्य

बच्चों से बाल कल्याण समिति के सदस्यों की काउंसलिंग में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सदस्यों ने पूछा कि भीख क्यों मांगते हो ? तो दस साल के बालक ने जवाब दिया कि पिता का कर्ज चुकाना है। भीख नहीं मांगी तो पिता का कर्ज कैसे उतरेगा। जिला बाल कल्याण समिति जिलाध्यक्ष अंजली शर्मा, सदस्य राजलक्षमी, तबस्सुम, अरविन्द मीणा, रूपेश कुमार की बालक से काउंसलिंग में सामने आया कि उसकी मां उसे और उसके पिता को छोड़कर अन्यत्र जा चुकी है। उसको पिता के भरोसे छोड़ने के साथ अच्छा खासा कर्ज भी छोड़ गई। कर्ज अदा नहीं करने पर बालक के पिता को ताने सूनने पड़ते हैं। ऐसे में वह भीख मांगकर पैसे अपनी फूफी को देती है। फूफी भी भीख में मिलने वाले पैसों से बालक के पिता और अपने भाई का कर्ज अदा करती है।

तीनों बच्चों का होगा पुनर्वास

मानव तस्करी विरोधी इकाई व चाइल्ड लाइन संस्था की ओर से पेश किए गए तीनों बच्चों के पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति कार्रवाई में जुटी है। एक बच्चे को शिशु गृह, बालिका को बालिका गृह व दस वर्षीय बालक को चंचल केयर होम भेजा गया है। पुलिस तीनों बच्चों के परिजन से भी काउंसलिंग करेगी।

अभियान उमंग में अब तक 7 मुक्त कराए

बाल भिक्षावृति रोकथाम जागरूकता के लिए मानव तस्करी विरोधी इकाई, चाइल्ड लाइन की ओर से संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन उमंग’ चलाया जा रहा है। अजमेर इकाई प्रभारी अशोक विश्नोई ने बताया कि अब तक इकाई की ओर से 7 बच्चों को भिक्षावृति से मुक्त कराया गया। बाल कल्याण समिति उनके पुनर्वास की व्यवस्था की है।

इनका कहना है...

बाल भिक्षावृति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। भिक्षावृति करते पकड़े गए बालक की पुन: काउंसलिंग करके पता लगाया जाएगा। रिश्तेदार की लिप्तता आने पर कार्रवाई की जाएगी।

अशोक विश्नोई, प्रभारी, मानव तस्करी विरोधी इकाई

Published on:
14 May 2023 02:56 am
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