अजमेर

weather report: जाने कहां नदारद हुआ मानसून, गर्मी का हुआ राज

जुलाई में मानसून की कमजोर स्थिति के कारण मौसम बदला हुआ है।

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Jul 29, 2020
monsoon in ajmer

अजमेर.

सावन में गर्मी और धूप परेशान कर रही है। मानसून की कमजोरी से गर्मी का राज हो गया है। बुधवार सुबह से आसमान पर बादल दिख रहे हैं। लेकिन बरसात के आसार नहीं दिख रहे हैं। धूप और उमस के कारण पसीने छूट रहे हैं।

सुबह से आसमान पर बादलों की मौजूदगी नजर आई है। धूप निकलने के साथ गर्मी हो गई है। उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। जुलाई में मानसून की कमजोर स्थिति के कारण मौसम बदला हुआ है। इन दिनों गर्मी में कूलर और पंखे ज्यादा राहत नहीं दे रहे ।

मानसून को ढूंढ रहे लोग
मानसून को लोग ढूंढ रहे हैं। मौसम विभाग ने इस बार 92 से 94 प्रतिशत बारिश होने की बात कही थी। लेकिन जुलाई में मानसून की कमजोरी से यह संभव होता नहीं दिख रहा। जिले में 1 जून से अब तक महज 80 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि पिछले साल 5 से 7 जुलाई तक जिले में कई जगह झमाझम बरसात के चलते बरसात का आंकड़ा बढ़कर 130 मिलीमीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद 25 से 27 जुलाई तक ताबड़तोड़ बरसात के चलते बारिश का आंकड़ा बढ़कर 275 मिलीमीटर पार कर गया था।

जिले में 1 जून से अब तक बरसात
अजमेर 95.50 श्रीनगर 77, गेगल 74, पुष्कर 127, गोविन्दगढ़ 74, बूढ़ा पुष्कर 101, नसीराबाद 43, पीसांगन 70, मांगलियावास 33, किशनगढ़ 82, बांदरसींदरी 36, रूपनगढ़ 47 , अरांई 88, ब्यावर 54.60, जवाजा 73, टॉडगढ़ 43, सरवाड़ 47, गोयला 35, केकड़ी 102, सावर 65.50 भिनाय 46, मसूदा 48, बिजयनगर 16, नारायणसागर 75 (कुल बरसात-80 मिलीमीटर)

कॉलेज में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों ने भरने शुरू किए फॉर्म।

अजमेर. राज्य के स्नातक और स्नातकोत्तर कॉलेज में प्रथम वर्ष के दाखिलों की दौड़ शुरू हो चुकी है। विद्यार्थियों ने ऑनलाइन फॉर्म भरने शुरू कर दिए हैं। फॉर्म 11 अगस्त तक भरे जा सकेंगे।

स्नातक प्रथम वर्ष और स्नातकोत्तर पूर्वाद्ध में ऑनलाइन फार्म भरवाए जाते हैं। सत्र 2020-21 में भी कला, वाणिज्य, विज्ञान, लॉ, प्रबंधन और अन्य संकाय में प्रवेश होने हैं। कोरोना संक्रमण और सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बारहवीं के नतीजों के चलते निदेशालय ने इस बार विलंब से कार्यक्रम जारी किया है।

Published on:
29 Jul 2020 07:25 am
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