वर्तमान में 21 या 25 कार्ड बिक्री, पहले 200-300 थी नार्मल बात कोरोना के कारण 10-20 प्रतिशत ही रह गया बाजार, ग्राहकों का इंतजार
अजमेर. कोरोना संक्रमण के कारण शादी के कार्ड अब रस्म अदायगी तक सिमट कर रह गए है। वर्तमान में नाममात्र के कार्ड की बिक्री हो रही है, जबकि पहले एक शादी में 200-300 कार्ड तो साधारण बात होती थी। इसके कारण शादी के कार्ड की बिक्री 10-20 प्रतिशत की रह गई है।
कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के बाद से सभी की हालत खस्ता है। शादी व अन्य समारोह भी नाममात्र के हो रहे है। वर्तमान में शादी व अन्य समारोह में 50 लोगों को बुलाने की अनुमति है। इसके कारण घर-परिवार के लोगों की संख्या ही इतनी हो जाने के कारण बाहरी लोगों को बुलाया नहीं जा रहा है। इसके कारण शादी के कार्ड आदि की बिक्री बिल्कुल कम हो गई है। हालांकि हिन्दू धर्म में देवशयनी ग्यारस से शादी-विवाह प्रारंभ होंगे, लेकिन उनकी तैयारी पहले से ही प्रारंभ हो जाती है। इसके बावजूद दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
फैक्ट फाइल
- 40-50 दुकान है वर्तमान में संचालित
- 200-300 कार्ड की होती थी नॉर्मल बिक्री
- 300-400 शादी होती थी सीजन में
- 7 से 500 रुपए तक के कार्ड उपलब्ध
कईयों ने शादी को किया स्थगित
कोरोना संक्रमण के चलते कई परिवारों ने शादी-विवाह को अगले एक साल तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसका मुख्य कारण कोरोना संक्रमण के चलते लोग जोखिम उठाना नहीं चाह रहे है। वहीं सीमित लोगों के बीच में ही शादी-विवाह सम्पन्न कर रहे है।
कोरोना का डर, बढ़े लिमिट
कोरोना संक्रमण और शादी-समारोह में 50 लोगों की बुलाने की अनुमति के कारण नाममात्र की बिक्री हो रही है। ग्रामीण भी खरीददारी के लिए नहीं आ रहे है।
- रजत माथुर, विक्रेता
नाममात्र के कार्ड की बिक्री
कोरोना संक्रमण ने सबकी हालत खस्ता कर दी है। जहां एक शादी-विवाह 300-400 कार्ड बिकते थे, वहां अब इनकी संख्या 20-21 कार्ड तक सिमट कर रह गई है।
- ऋषभ जैन, कार्ड विक्रेता