
जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के शिशु रोग विभाग में मंगलवार दोपहर एक युवक आउटडोर पोर्च में बंद हो गया। करीब डेढ़ घंटे बाद युवक के भीतर होने का पता चला तो सुरक्षाकर्मियों में हड़कम्प मच गया। अस्पताल पुलिस चौकी पर कड़ाई से पूछताछ के बाद उसे परिचित के हवाले किया।
केकड़ी गणेशपुरा निवासी आशीष कुमार मीणा दोपहर को बिना काम शिशु रोग विभाग के आउटडोर में आकर बैठ गया। मल्टीमीडिया मोबाइल पर ईयर फोन लगाकर गाने सुनने में मस्त आशीष पर किसी की नजर नहीं पड़ी।
दोपहर 3.30 बजे आशीष को कोई नजर नहीं आया तो उसने आउटडोर से निकलने का प्रयास किया लेकिन कोई रास्ता नहीं मिला। उसने कांच के दरवाजा बजाना शुरू कर दिया। यहां शिशुरोग विभाग में आने वाली महिलाओं ने उसे भीतर देख लिया। सूचना पर अस्पताल के सुरक्षाकर्मी पहुंचे। आउटडोर के भीतर युवक को बंद देखकर उनके होश उड़ गए।
उन्होंने तुरन्त मेटर्न ऑफिस से चाबी मंगवाई और ताला खोलकर उसे बाहर निकाला। सूचना पर अस्पताल पुलिस चौकी से महिला कांस्टेबल अनिताराज व सिपाही शिव चन्द पहुंचे। उन्होंने आशीष से पूछताछ की तो उसने बिना काम अस्पताल आना कबूला।लेपटॉप ठीक करवाने आयापुलिस पूछताछ में आशीष ने बताया कि वह केकड़ी से लेपटॉप ठीक करवाने आया था।
चन्दवरदाई नगर स्थित अपने परिचित की बाइक लेकर वह शास्त्रीनगर आया। लेपटॉप ठीक करने के लिए देने के बाद वह शिशुरोग विभाग आ गया। सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि आउटडोर बंद होने के दौरान संभवत: युवक कुर्सी की आड़ में सो गया। तभी वह उन्हें नजर नहीं आया। हालांकि पुलिस ने परिजन को सूचित कर उसकी जानकारी जुटाने के बाद उसे छोड़ा।