प्रयागराज

Hijab Controversy: हिजाब पर हाईकोर्ट के फैसले के बीच राजीव राय को क्यों याद आए PM मोदी? बोले- ‘प्रधानमंत्री तो परिधान से पहचानते हैं’

Hijab Case Prayagraj: इलाहाबाद हाईकोर्ट की हिजाब पर टिप्पणी के बाद सपा सांसद राजीव राय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहनावे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पीएम मोदी की यूं ही याद आ रही थी।
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Allahabad High Court Hijab Verdict Rajeev Rai PM Modi
हिजाब पर कोर्ट की टिप्पणी से गरमाई सियासत

Allahabad High Court Hijab Verdict:इलाहाबाद हाईकोर्ट की हिजाब से जुड़ी टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और घोसी से सांसद राजीव राय ने कोर्ट की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया और कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर पीएम मोदी की याद आ रही है।

राजीव राय ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अलग-अलग मौकों पर अलग तरह के परिधान में नजर आते हैं। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति के पसंदीदा पहनावे को लेकर रोक की बात हो रही है तो इस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि फैसला अदालत का है और न्यायपालिका के फैसले पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

'हमारे प्रधानमंत्री तो परिधान से पहचानते हैं'

राजीव राय ने कहा कि अगर मनपसंद परिधान पहनने पर ही रोक लगा दी जाए तो इस पर वह क्या कह सकते हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री की यूं ही याद आ रही थी। सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब इलाहाबाद हाईकोर्ट की हिजाब को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है। एक तरफ स्कूलों के ड्रेस कोड और संस्थागत नियमों का सवाल है, वहीं दूसरी तरफ व्यक्तिगत पसंद और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।

छात्रा की याचिका पर आया फैसला

पूरा मामला प्रयागराज के अतरसुइया क्षेत्र स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल की एक छात्रा से जुड़ा है। छात्रा सुकैना रिजवी ने अपनी मां के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में छात्रा की ओर से कहा गया था कि उसने इसी स्कूल से 10वीं की पढ़ाई पूरी की है और अब 11वीं कक्षा में दाखिला ले रही है। छात्रा का कहना था कि वह स्कूल ड्रेस के साथ स्कार्फ या हिजाब पहनना चाहती है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इसकी अनुमति नहीं दी। मामले की सुनवाई के दौरान स्कूल के निर्धारित ड्रेस कोड और छात्रा की ओर से हिजाब पहनने की मांग को लेकर अदालत के सामने कई सवाल आए।

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस जेके मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ल की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मुस्लिम छात्रा के लिए स्कार्फ या हिजाब पहनना इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है। अदालत ने अपने फैसले में अलग-अलग हाईकोर्ट के पूर्व फैसलों और सुप्रीम कोर्ट के हिजाब से संबंधित निर्णयों का भी उल्लेख किया। अदालत ने स्कूल के ड्रेस कोड के संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया कि किसी शिक्षण संस्थान में निर्धारित यूनिफॉर्म का पालन करना जरूरी है। यानी मामला सिर्फ हिजाब पहनने की इच्छा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूल के तय ड्रेस कोड और छात्र की व्यक्तिगत पसंद के बीच संतुलन का सवाल भी इससे जुड़ गया है।

अब फैसले से ज्यादा चर्चा राजनीतिक प्रतिक्रिया की

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद जहां कानूनी पहलुओं पर चर्चा हो रही है, वहीं राजीव राय के बयान ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। सपा नेता ने सीधे तौर पर कोर्ट के फैसले का विरोध करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी के पहनावे का उदाहरण देकर अपनी बात रखी। ऐसे में हिजाब का यह मामला अब स्कूल ड्रेस कोड, व्यक्तिगत पसंद और राजनीतिक बयानबाजी, तीनों के संगम के रूप में सामने आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दूसरे राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

Updated on:
25 Aug 2026 04:52 pm
Published on:
25 Aug 2026 04:52 pm