प्रयागराज

नीला ड्रम हत्याकांड में नया मोड़: मुस्कान और साहिल की फांसी के खिलाफ अपील मंजूर, जानिए अब आगे क्या होगा?

Meerut Neela Drum Case: मेरठ के नीला ड्रम कांड में मुस्कान और साहिल की फांसी की सजा के खिलाफ अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने निचली अदालत से केस का रिकॉर्ड मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।
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Updated: 27 Oct 2026, 1:18 PM IST
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फांसी की सजा के बाद मुस्कान ने जेल अधीक्षक से मांगी कानूनी मदद ( फोटो डिजाइन : ChatGPT)

Muskan Sahil Death Sentence: मेरठ के चर्चित नीला ड्रम कांड में सौरभ हत्याकांड के दोषी मुस्कान और साहिल को सुनाई गई फांसी की सजा पर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। दोनों ने सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की थी, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अदालत ने निचली अदालत से पूरे मामले का रिकॉर्ड तलब किया है और सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की है। सत्र अदालत ने इस हत्याकांड को बेहद गंभीर मानते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी।

फांसी की सजा के खिलाफ मुस्कान और साहिल की अपील मंजूर

मेरठ के नीला ड्रम कांड में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। दोनों ने अपने अधिवक्ताओं के जरिए सत्र अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत से मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान सत्र अदालत के फैसले और मामले में पेश किए गए साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।

सत्र अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा

सौरभ हत्याकांड की सुनवाई के दौरान मेरठ की सत्र अदालत ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी सबसे दुर्लभ मामलों की श्रेणी में माना था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया और दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी अपील में दलील दी गई कि सजा सुनाते समय निचली अदालत ने कुछ कानूनी पहलुओं पर सही तरीके से विचार नहीं किया। इसी आधार पर दोनों ने फांसी की सजा रद्द करने या उसे कम करने की मांग की है।

फांसी की सजा पर हाईकोर्ट की मंजूरी जरूरी

कानूनी प्रक्रिया के तहत निचली अदालत से फांसी की सजा मिलने के बाद हाईकोर्ट की मंजूरी जरूरी होती है। दोषी को फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार भी मिलता है। ऐसे मामलों में हाईकोर्ट रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करता है। मुस्कान और साहिल के मामले में भी हाईकोर्ट अब निचली अदालत के फैसले की समीक्षा करेगा। 30 नवंबर को होने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। इसके बाद ही सजा को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

पिछले साल मार्च में हुई थी सौरभ की हत्या

यह मामला पिछले साल मार्च में सामने आया था। आरोप के मुताबिक, मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में डाल दिया गया था। बताया गया कि शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट का घोल भी डाला गया था। वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल चले गए थे। करीब दस दिन बाद दोनों के वापस लौटने पर मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।

Updated on:
27 Oct 2026, 1:18 PM IST
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