जल संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 86 छोटे-बड़े बांधों में वर्षों से जमी सिल्ट को हटाकर उन्हें गहरा किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान बांध पूरी क्षमता से भर सकें।
मानसून की तैयारी के तहत अलवर जिले में जल संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले के 86 छोटे-बड़े बांधों में वर्षों से जमी सिल्ट को हटाकर उन्हें गहरा किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान बांध पूरी क्षमता से भर सकें। इनमें सिंचाई विभाग और पंचायती राज विभाग के अधीन आने वाले बांध शामिल हैं।
सिंचाई विभाग की ओर से इस कार्य के लिए 55.26 करोड़ रुपए के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन बांधों की कैनाल क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी। इसके साथ ही बांधों के गेट, स्पिल-वे यानी ओवरफ्लो चैनल और पानी के बहाव क्षेत्रों में जमी मिट्टी को भी हटाया जाएगा, जिससे जल प्रवाह सुचारु रह सके।
विभागीय जानकारी के अनुसार थानागाजी ब्लॉक के 2, कठूमर और लक्ष्मणगढ़ के 5-5, रैणी के 13, राजगढ़ के 12, नीमराणा व मुंडावर के 3-3, किशनगढ़बास के 14, तिजारा के 17, रामगढ़ के 7, उमरैण के 3 तथा बानसूर और मालाखेड़ा ब्लॉक के 1-1 बांध की सफाई और मरम्मत की जाएगी। इस योजना से न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने और मानसून के पानी के बेहतर संरक्षण में भी मदद मिलेगी।