अलवर के कोतवाली थाने में 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान हुए हंगामे और पथराव के मामले में पुलिस ने अब बड़ी कार्रवाई की है। घटना के समय पथराव से इनकार करने वाली पुलिस ने जांच के बाद चार नामजद युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
राजस्थान के अलवर शहर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर निकली रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और कोतवाली थाने पर हमला करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और थाने के गेट पर पथराव करने के आरोप में चार युवकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
बीती 14 अप्रैल को शहर में अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में भव्य रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने और मॉडिफाइड साइलेंसर लगी एक बाइक को रुकवाया। बाइक पर सवार पवन जाटव की मोटरसाइकिल को एमवी एक्ट (MV Act) के तहत जब्त कर कोतवाली थाने में खड़ा करवा दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाइक जब्त होने से नाराज आरोपी पवन जाटव, सिकंदर, सूरज और निक्की अपने साथ 50-60 लोगों की भीड़ लेकर थाने पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने बिना जुर्माना भरे जबरन अपनी बाइक ले जाने की जिद की। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें समझाने का प्रयास किया, तो आरोपी हंगामा करने लगे और राजकार्य में बाधा पहुंचाई।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर जब पुलिस ने भीड़ को थाने के परिसर से बाहर निकाला, तो आरोपियों ने आवेश में आकर थाने के गेट पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में थाने का सरकारी साइन बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस रिपोर्ट में बताया गया है कि पथराव के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की जान को भी खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, पुलिस ने उस वक्त मुस्तैदी दिखाते हुए भीड़ को वहां से खदेड़ दिया था।
जानकारी के अनुसार घटनास्थल की जांच और साक्ष्यों के आधार पर अब चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है:
पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 125, 3(5) और पीडीपीपी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है।