अलवर वैशाली नगर थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध यूल बैंक खातों के खिलाफ संचालित अभियान के तहत साइबर सेल से प्राप्त जन स्माल फाइनेंस बैंक खाते की जांच की तो इस खाते के माध्यम से करीब 19 करोड़ 45 लाख 460 रुपए का फ्रॉड होना पाया गया।
अलवर वैशाली नगर थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध यूल बैंक खातों के खिलाफ संचालित अभियान के तहत साइबर सेल से प्राप्त जन स्माल फाइनेंस बैंक खाते की जांच की तो इस खाते के माध्यम से करीब 19 करोड़ 45 लाख 460 रुपए का फ्रॉड होना पाया गया। इस संबंध में विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड की 32 शिकायतें दर्ज हैं।
जांच में खाता धारक बरकत अली पुत्र मोहम्मद निवासी गोपालगढ़, डीग का अलग-अलग पते के आधार कार्ड, पैन कार्ड व पास पासपोर्ट होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने उक्त खाताधारक की लोकेशन के आधार पर वैशाली नगर स्थित पानी की टंकी के पास पहुंची तो आरोपी जाते हुए दिखाई दिया। जिसे रोककर पूछताछ की तो उसने वैशाली नगर में किराए से रहना बताया। साथ ही, साइबर फ्रॉड के उपयोग में लिए खाते का रिकॉर्ड किराए के मकान पर होना बताया।
17 चेकबुक
5 पासबुक
14 एटीएम कार्ड
कई हस्ताक्षरशुदा चेक
आधार कार्ड, पैन कार्ड
2 स्वाइप मशीन
आईसीआईसीआई बैंक, यश बैंक और एयू स्माल फाइनेंस बैंक के क्यूआर कोड स्कैनर
पकड़े गए बरकत अली ने पूछताछ में बताया कि वह अपने सहयोगियों हरिसिंह मीना (निवासी वीरपुर बीगोता, अलवर), जाहुल खान (निवासी बंजीरका) और मुकेश मीना (निवासी अलवर) के साथ मिलकर संगठित गिरोह चला रहा था। यह गिरोह कमीशन के आधार पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों और गिरोह की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।