भारत-अमरीका के बीच पिछले छह महीने से चली रही टैरिफ तनातनी समाप्त हो गई है। इसका सीधा फायदा अलवर के ऑटो पार्ट्स उद्योग को भी मिलेगा।
भारत-अमरीका के बीच पिछले छह महीने से चली रही टैरिफ तनातनी समाप्त हो गई है। इसका सीधा फायदा अलवर के ऑटो पार्ट्स उद्योग को भी मिलेगा। यहां करीब 300 ऑटो पार्ट्स यूनिट से हर साल 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का माल अमरीका में एक्सपोर्ट हो रहा था। जो पिछले साल मार्च से बंद था। अब टैरिफ घटने से एक्सपोर्ट शुरू होगा।
जिले की ऑटो पार्ट्स यूनिट का सालाना एक्सपोर्ट करीब 50 करोड़ रुपए का है। इसमें करीब 30 प्रतिशत माल अमरीका को सप्लाई हो रहा था। एक उद्योगपति ने बताया कि पिछले साल मार्च में उनके यहां से आखिरी बार अमरीका माल गया था। उसमें भी ग्राहक को 30 प्रतिशत डिस्काउंट देना पड़ा था। इसके बाद टैरिफ की लड़ाई शुरू हो गई और माल की सप्लाई बंद हो गई।
अलवर ऑटो पार्ट्स का बड़ा सप्लायर है। हमारे यहां से अमरीका में करीब 15 करोड़ रुपए सालाना माल जा रहा था। पिछले साल मार्च से ही एक्सपोर्ट बंद पड़ा था। अब सेल बढ़ेगी तो सीधा तौर पर फायदा मिलेगा - राहुल गुप्ता, सचिव, अलवर ऑटोमोबाइल मैन्यूफेक्चरिंग सोसायटी
टैरिफ में कटौती से ऑटो पार्ट्स और स्टील उद्योग को सीधा फायदा होगा। उद्योगपति खुश हैं, क्योंकि कई महीनों से अमरीका में सप्लाई ठप पड़ी थी - मनोज गुप्ता, अध्यक्ष, मत्स्य उद्योग संघ